नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा ने गंभीर रूप ले लिया है। सुनसरी जिले से शुरू हुआ विवाद अब मधेस प्रांत के कई हिस्सों तक फैल चुका है। लगातार चार दिनों से जारी हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। हालात पर काबू पाने के लिए प्रशासन ने कई शहरों में कर्फ्यू लागू कर दिया है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेना की तैनाती भी की गई है।
सुनसरी से शुरू हुई हिंसा कई जिलों तक फैली
जानकारी के अनुसार, सप्ताह की शुरुआत में सुनसरी जिले के देवानगंज क्षेत्र में दो समुदायों के बीच हुई झड़प के बाद हिंसा भड़क गई। इसके बाद यह तनाव धीरे-धीरे धनुषा, सिराहा, सप्तरी और मधेस प्रांत की राजधानी जनकपुर सहित कई इलाकों तक फैल गया।
हिंसा के दौरान कई सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए हैं, जबकि पुलिस कार्रवाई और झड़पों में कई अन्य लोगों के घायल होने की भी सूचना है।
3 लोगों की मौत, कई घायल
रिपोर्टों के मुताबिक, हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में सिराहा जिले के 19 वर्षीय गणेश यादव की पहचान की गई है। पुलिस फायरिंग में कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अशांति के दौरान कई प्रदर्शनकारी सड़कों पर घायल अवस्था में भी देखे गए।
जनकपुर, सिराहा और सप्तरी में कर्फ्यू लागू
बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने जनकपुर, सिराहा और सप्तरी सहित कई संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया है।
मुख्य जिला अधिकारी प्रेम प्रसाद लुइटेल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जनकपुर उप-महानगर, लक्ष्मिनिया ग्रामीण नगरपालिका और नगराइन नगरपालिका में स्थानीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे से कर्फ्यू प्रभावी हो गया।
गोलबाजार में 11 मोटरसाइकिलों को किया आग के हवाले
सिराहा जिले के गोलबाजार में प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक स्थान पर खड़ी 11 मोटरसाइकिलों में आग लगा दी। इस घटना के बाद प्रशासन ने पूरे इलाके में कर्फ्यू लागू कर दिया।
वहीं, लहान में भी दोनों समुदायों के लोगों के सड़कों पर उतरने की खबरें सामने आईं। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और हवा में चेतावनी स्वरूप कई राउंड फायरिंग भी की।
हालात सामान्य करने की कोशिश जारी
नेपाल सरकार लगातार हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में हालात सामान्य करने का प्रयास कर रही है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा बल संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि हिंसा को और फैलने से रोका जा सके।