दिल्ली में कथित NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ संसद में बड़ा मुद्दा उठाने की तैयारी कर ली है। कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष इस मामले में सरकार से जवाब मांगने के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सार्वजनिक माफी की मांग करेगा।
सूत्रों के अनुसार, विपक्ष का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया, जिसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। इसी मुद्दे को संसद के दोनों सदनों में प्रमुखता से उठाने की रणनीति बनाई गई है।
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने रविवार (26 जुलाई) को कहा कि कथित NEET पेपर लीक के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा 27 जुलाई को संसद में उठाया जाएगा। साथ ही आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की गई और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई की जवाबदेही तय होनी चाहिए। NEET परीक्षा से जुड़े आरोपों को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को निशाने पर ले रहा है।
राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र
इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई पर जवाब मांगा। राहुल गांधी ने कहा, “हमारे छात्र एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा प्रणाली की मांग कर रहे थे. उनकी बात सुने जाने के बजाय सुरक्षा बलों ने हथियारों और आंसू गैस सहित अंधाधुंध बल प्रयोग करके उन पर हमला किया.”
राहुल गांधी ने अपने पत्र में गृह मंत्री से सवाल करते हुए कहा, “दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल अंतिम रूप से आपके प्रति ही जवाबदेह हैं, इसलिए मैं आपसे पूछता हूं कि एक गृह मंत्री के रूप में क्या आपने छात्रों के खिलाफ पेलेट गन सहित घातक बल प्रयोग को मंजूरी दी थी? यदि नहीं, तो किसने दी?”
विपक्ष के तेवरों को देखते हुए माना जा रहा है कि संसद के आगामी सत्र में इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है।