45 मिनट में कैसे हल हो गए 180 सवाल? CJI चंद्रचूड़ नीट पेपर लीक के तरीकों से क्यों हैरान

मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने आज फिर नीट-यूजी परीक्षा में पेपर लीक और अन्य धांधली समेत परीक्षा रद्द कराने की मांग से जुड़ी याचिकाओं पर एकसाथ सुनवाई की।इस दौरान कोर्ट ने NTA को हरेक केंद्र का अलग-अलग परीक्षा परिणाम बेवसाइट पर अपलोड करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि शनिवार की दोपहर 12 बजे तक NTA केंद्रवार पूरा परीक्षा परिणाम वेबसाइट पर अपलोड करे।सुनवाई के दौरान कोर्ट में गर्मागरम बहस हुई। इस दौरान चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने इस बात पर अचरज जताया कि 45 मिनट के अंदर 180 सवाल कैसे हल किए गए। दरअसल, वह जानना चाहते थे कि पेपर लीक परीक्षा शुरू होने से कितनी देर पहले हुआ था। CJI चंद्रचूड़, जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ यह जानने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक कब हुआ? और पेपर लीक और परीक्षा शुरू होने के बीच के गैप में क्या पेपर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सर्कुलेट तो नहीं हुआ।

CJI ने कहा, “पटना का हजारीबाग से क्या संबंध है? मुझे यकीन नहीं हो रहा है कि 45 मिनट में पूरा प्रश्नपत्र हल किया जा सकता है।” इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े ने कहा कि पटना पुलिस का कहना है कि पेपर परीक्षा से एक दिन पहले ही शाम में लीक हुआ था। उन्होंने कहा कि हजारीबाग से भी यही सूचना मिली है और पेपर लीक में गिरफ्तार किए गए लोगों का भी कहना है कि परीक्षा की तारीख से पहले ही यानी पिछली शाम को ही प्रश्नपत्र हल कर लिया गया था और परीक्षार्थियों को याद करवा दिया गया था। कोर्ट अब 22 जुलाई को नीट-यूजी 2024 विवाद से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई फिर से शुरू करेगा।

इस बीच, सीबीआई ने नीट पेपर लीक मामले में एम्स पटना के चार छात्रों से पूछताछ की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एमबीबीएस तीसरे वर्ष के तीन छात्रों और दूसरे वर्ष के एक छात्र को पूछताछ के लिए सीबीआई कार्यालय ले जाया गया। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीबीआई ने छह प्राथमिकी दर्ज की हैं। बिहार में दर्ज प्राथमिकी प्रश्नपत्र लीक होने से संबंधित है, जबकि गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र में दर्ज शेष प्राथमिकी अभ्यर्थियों के स्थान पर किसी और के परीक्षा देने और धोखाधड़ी से संबंधित हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के संदर्भ के आधार पर एजेंसी की अपनी प्राथमिकी, नीट-स्नातक 2024 में कथित अनियमितताओं की ‘व्यापक जांच’ से संबंधित है।

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