नासा क्रैश करने जा रहा है इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन, गिरा तो क्या होगा अंजाम; ऐसा बना है प्लान

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन को हटाए जाने की योजना बन रही है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा इस दिशा में योजना बना रही है। इस योजना के अमल में आने के बाद यह अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन खत्म हो जाएगा।

असल में साइंटिस्ट्स का कहना है कि यह स्पेस स्टेशन अब पुराना हो चुका है। आगे और बेहतर रिसर्च के लिए अब एडवांस लेवल के स्पेस स्टेशन की जरूरत होगी। अब नासा ने यूएस डोरबिट व्हीकल को डेवलप करने के लिए प्रस्ताव जारी किया है। बता दें कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में अलग-अलग देशों के अंतरिक्ष यात्री रहते हैं।

गिराने के लिए नासा का प्लान
अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन का कुल वजन करीब 419,725 किलो है। ऐसे में इसको क्रैश करना इतना आसान नहीं होगा। इसके लिए नासा ने खास योजना बनाई है। स्पेस स्टेशन को अचानक से नहीं गिराया जाएगा, बल्कि धीरे-धीरे नीचे लाया जाएगा। प्लान है कि इसको धीरे-धीरे कक्षा से नीचे लाया जाए और जनवरी 2031 में यह वायुमंडल में पहुंचे। इसके बाद इसे समुद्र में गिराया जाएगा। इस बात को लेकर पूरा एहतियात बरता जाएगा कि इससे धरती को कोई नुकसान न पहुंचे। गौरतलब है कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन अब तक का सबसे बड़ा सैटेलाइट है। यह प्रोजेक्ट साल 1989 में शुरू किया गया था।

पांच देशों की संयुक्त योजना
अमेरिकन स्पेस एजेंसी के मुताबिक यह स्टेशन धरती से करीब 410 किमी ऊपर परिक्रमा कर रहा है। कुछ साल पहले अंतरिक्ष यात्रियों की एक टीम ने स्पेस वॉक करके अंतरिक्ष स्टेशन के सोलर पैनल्स को अपग्रेड किया था। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पांच देशों की संयुक्त योजना है। नासा, यूरोपीय स्पेस एजेंसी, जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी, कनाडाई स्पेस एजेंसी और रूस की रोस्कोस्मोस ने इसे मिलकर तैयार किया था। यह स्पेस एजेंसी साल 2028 से ही ऐक्टिव मोड में है और इसमें शामिल देशों के बीच इसे 2030 तक चलाने पर सहमति बनी है।

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