
लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान विपक्ष वॉकआउट कर गया। दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का जवाब देते हुए विपक्ष के INDIA गठबंधन पर हमला बोला।इस दौरान उन्होंने मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर भी तीखा हमला किया। जब पीएम मोदी कांग्रेस पर हमले बोल रहे थे तभी विपक्षी दल उनसे मणिपुर के बारे में भी बोलने को कह रहा था। काफी देर तक ‘मणिपुर, मणिपुर’ के नारे लगाने के बाद विपक्षी दल लोकसभा से वॉकआउट कर गए।
जब विपक्षी दल लोकसभा से जा रहे थे तभी पीएम मोदी ने कहा, ‘लोकतंत्र में जिनका भरोसा नहीं होता है वो सुनाने के लिए तो तैयार होते हैं लेकिन सुनने का धैर्य नहीं होता है। अपशब्द बोलो.. भाग जाओ.. कूड़ा कचरा फेंको भाग जाओ.. झूठ फैलाओ भाग जाओ. यही इनका खेल है। ये देश इनसे अपेक्षा ज्यादा नहीं कर सकता है अगर इन्होंने गृह मंत्री जी की मणिपुर की चर्चा पर सहमति दिखाई होती तो अकेले मणिपुर के हर पहलू पर चर्चा हो सकती थी। लेकिन उनको चर्चा में रस नहीं था।”
पीएम मोदी ने कहा, “हमने कहा था कि अकेले मणिपुर के लिए आओ चर्चा करो… गृह मंत्री ने चिट्ठी लिखकर के कहा था क्योंकि इनके विभाग से जुड़ा हुआ विषय था। लेकिन साहस नहीं था। इरादा नहीं था। पेट में पाप था।” पीएम ने मणिपुर पर बोलते हुए कहा, “आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले इसके लिए राज्य और केंद्र दोनों सरकारें हर संभव कोशिश कर रही हैं। मैं लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि आने वाले समय में मणिपुर में शांति बहाल होगी। मैं मणिपुर की महिलाओं और बेटियों सहित मणिपुर के लोगों से कहना चाहता हूं कि देश आपके साथ है।”
पूर्वोत्तर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “…5 मार्च 1966 को कांग्रेस ने अपनी वायु सेना से मिजोरम में असहाय नागरिकों पर हमला करवाया था। कांग्रेस को जवाब देना चाहिए कि क्या वह किसी अन्य देश की वायु सेना थी। क्या मिजोरम के लोग मेरे देश के नागरिक नहीं थे? क्या उनकी सुरक्षा भारत सरकार की ज़िम्मेदारी नहीं है?…”