नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खुद के 75 साल की उम्र पूरी होने के बाद रिटायरमेंट लेने की अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि “मैंने कभी नहीं कहा कि मैं रिटायर हो जाऊंगा या किसी और को होना चाहिए”।
रिटायरमेंट की अटकलों पर सफाई
संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन के अंतिम दिन पत्रकारों से बातचीत में भागवत ने कहा, “मैंने ये बात मोरोपंत के बयान का हवाला देते हुए उनके विचार रखे थे… मैंने ये नहीं कहा कि मैं रिटायर हो जाऊंगा या किसी और को रिटायर होना चाहिए। हम वही करेंगे जो संघ कहेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि संघ के कार्यकर्ता जीवन के किसी भी समय रिटायर होने के लिए तैयार रहते हैं और जब तक संघ उनसे काम कराना चाहेगा, वे संगठन के लिए कार्य करते रहेंगे।
घुसपैठ पर सख्त रुख
मोहन भागवत ने अवैध घुसपैठ को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, “घुसपैठ को रोकना चाहिए। सरकार इसके लिए प्रयास कर रही है और धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। लेकिन समाज के हाथ में है कि हम अपने देश में रोजगार अपने देश के लोगों को दें। हमारे देश में भी मुसलमान नागरिक हैं, उन्हें भी रोजगार की जरूरत है। अगर रोजगार देना है तो उन्हें दीजिए, जो बाहर से आया है उन्हें क्यों दे रहे हो? उनके देश की व्यवस्था उन्हें करनी चाहिए।