‘मोदी है तो मनु है’, जी-20 के डिनर में खरगे को न बुलाने पर दलित कार्ड खेल गई कांग्रेस

जी-20 शिखर सम्मेलन के रात्रिभोज की गेस्ट लिस्ट से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का नाम गायब है। मोदी सरकार के इस कदम को पार्टी नेता दलित विरोधी बता रहे हैं। एक कांग्रेसी नेता ने पीएम मोदी की तुलना मनु से कर दी।

सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए कांग्रेस नेता ने जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया है। तमिलनाडु कांग्रेस के नेता मोहन कुमारमंगलम ने कहा कि “मोदी है तो मनु है।” कुमारमंगलम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी प्राचीन हिंदू ऋषि महर्षि मनु की विरासत को कायम रख रहे हैं, जिन्होंने मनुस्मृति लिखी थी, जिसे अक्सर ‘हिंदू आचरण के लिए मार्गदर्शक’ के रूप में वर्णित किया जाता है। जाति-आधारित भेदभाव को बढ़ावा देने के लिए कई विद्वानों द्वारा इसकी आलोचना की गई है।

कांग्रेस नेता ने कई उदाहरणों का हवाला दिया जहां पिछड़े वर्ग के नेताओं को महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं किया गया। कुमारमंगलम ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को अयोध्या में राम मंदिर के ‘भूमि पूजन’ में आमंत्रित नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भी नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया था। कांग्रेस पार्टी के कई नेताओं ने भी हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में दलित नेता खरगे को आमंत्रित नहीं करने के लिए सरकार की आलोचना की।

राहुल गांधी का भाजपा पर निशाना

खुद पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने जी20 शिखर सम्मेलन के रात्रिभोज में खरगे को आमंत्रित नहीं किए जाने की खबरों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भगवा पार्टी “भारत की 60% आबादी के नेता को महत्व नहीं देती है।” यूरोप यात्रा पर गए राहुल गांधी ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में यह दावा भी किया कि भारत में महात्मा गांधी के दृष्टिकोण और नाथूराम गोडसे के दृष्टिकोण के बीच की लड़ाई है तथा विपक्षी दल यह सुनिश्चित करेंगे कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और आजादी पर हमला बंद हो।

जी20 रात्रिभोज के लिए खरगे को आमंत्रित नहीं किए जाने के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा, ‘‘इसमें विपरीत बात क्या है? उन्होंने (सरकार) विपक्ष के नेता को आमंत्रित नहीं करने का फैसला किया है। यह आपको कुछ बताता है। यह आपको बताता है कि वे भारत की 60 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाले नेताओं (विपक्ष) को महत्व नहीं देते हैं। यह कुछ ऐसा है जिसके बारे में लोगों को सोचना चाहिए। उन्हें ऐसा करने की आवश्यकता क्यों महसूस हो रही है और इसके पीछे किस प्रकार की सोच है।’’

किसे-किसे मिला निमंत्रण?

खरगे राज्यसभा में विपक्ष के नेता भी हैं। कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनको शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित मेगा जी20 रात्रिभोज में आमंत्रित नहीं किया गया है। यह मामला INDIA बनाम भारत विवाद के बीच आया है। दरअसल INDIA गठबंधन ने राष्ट्रपति के जी20 रात्रिभोज निमंत्रण का विरोध किया था जिसमें राष्ट्रपति को ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ लिखा था। हालांकि, इस रात्रिभोज में ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और नीतीश कुमार सहित गठबंधन के अन्य नेताओं को आमंत्रित किया गया है।

खरगे के कार्यालय ने कहा कि उन्हें शनिवार को राष्ट्रपति द्वारा आयोजित जी20 रात्रिभोज में आमंत्रित नहीं किया गया। हालांकि, खबरों के मुताबिक किसी अन्य राजनीतिक दल के नेता को भी आमंत्रित नहीं किया गया है। कैबिनेट सदस्यों, राज्य मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, भारत सरकार के सचिवों और अन्य उल्लेखनीय अतिथियों को रात्रिभोज के लिए निमंत्रण मिला है।

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