महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक की चार लाइन से पीएम मोदी ने बताई हिंदुस्तान की ताकत

ऑपरेशन सिंधूर के बाद मंगलवार को पंजाब के आदमपुर एयरबेस पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वायुसेना के जवानों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने सैनिकों की सराहना की और पाकिस्तान पर कटाक्ष भी किया। जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने हिन्दी कवि श्याम नारायण पांडे की कविता ‘हल्दी घाटी’ की कुछ पंक्तियां भी सुनाईं। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘कौशल दिखलाया चलो, उड़ गया में गैरी भाइयों में, निर्विघ्न गांव में डालों में सप्तरथ रहवालो में, ये पंक्तियां महाराणा प्रताप के प्रसिद्ध घोड़े चेतक पर लिखी गई थीं. लेकिन ये पंक्तियां आज के आधुनिक भारतीय हथियारों पर भी सटीक बैठती हैं। आपने ऑपरेशन सिंदूर से देश के स्वाभिमान को मजबूत किया है।

राणा प्रताप के चेतक की प्रतिभा
आदमपुर एयरबेस पर प्रधानमंत्री द्वारा पढ़ी गई कविता की कुछ पंक्तियां श्याम नारायण पांडे की कविता ‘हल्दी घाटी’ से ली गई हैं। इसमें राणा प्रताप के घोड़े चेतक की बहादुरी पर एक अध्याय है। ‘चेतक की वीरता’ के केंद्र में महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक की वीरता और वफादारी है। राणा प्रताप का चाबुक कभी चेतक पर नहीं पड़ा, क्योंकि वह इतना बुद्धिमान था कि अपने स्वामी के हाव-भाव को पूरी तरह समझ लेता था। वह दुश्मनों के सिर पर ऐसे वार करता था जैसे कोई घोड़ा आसमान से ज़मीन पर उतर आया हो यानी वह अपने दुश्मनों के सिर पर बहुत तेज़ी से वार करता था। युद्ध भूमि में ऐसा कोई स्थान नहीं था जहां चेतक ने अपने शत्रुओं पर आक्रमण न किया हो। वह एक स्थान पर प्रकट होते, लेकिन जैसे ही शत्रु उन पर आक्रमण करने के लिए वहां पहुंचता, वह तुरंत वहां से गायब हो जाते, फिर कहीं और प्रकट हो जाते। उसी प्रकार बाद में अक्षर से भी गायब हो जाता है। इसलिए वह सभी युद्ध स्थलों पर अपनी वीरता का परचम लहराता था।

जानें वो हथियार जिनकी तुलना पीएम ने चेतक से की
भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश मिसाइल और एमआरएसएएम (बराक-8) का इस्तेमाल किया। ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। यह 3,700 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से लक्ष्य पर निशाना साध सकता है। इसकी रेंज लगभग 800 किमी है। यह 200 से 300 किलोग्राम तक हथियार ले जाने में सक्षम है। इसे जमीन, समुद्र और हवा से प्रक्षेपित किया जा सकता है। यह दुश्मन के राडार से बचने के लिए अत्यंत कम ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम है। प्रधानमंत्री ने इन हथियारों की तुलना चेतक घोड़े से की जो दुश्मन पर सटीक प्रहार करता है।

डेटा और ड्रोन के जरिए दुश्मन पर नजर रखने में भी माहिर
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज हमारे पास नई तकनीक की ताकत है, जिसका सामना पाकिस्तान नहीं कर सकता। वायु सेना सहित सभी सशस्त्र बलों के पास दुनिया की सर्वोत्तम प्रौद्योगिकी तक पहुंच है, नई प्रौद्योगिकी के साथ बड़ी चुनौतियां भी आती हैं। जटिल एवं परिष्कृत प्रणालियों को कुशलतापूर्वक बनाए रखने एवं संचालित करने में कुशल। आपने साबित कर दिया है कि आप इस खेल में सर्वश्रेष्ठ हैं। भारत की वायुसेना न केवल हथियारों से, बल्कि डेटा और ड्रोन से भी दुश्मन को छुपाने में माहिर हो गई है।’

एस-400 ने आधुनिक रक्षा प्रणाली को मजबूत किया
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारतीय सेनाओं की मजबूती का प्रतीक है। ऑपरेशन सिंदूर में मानव शक्ति के साथ-साथ मशीन का समन्वय भी अद्भुत रहा। भारत के पारंपरिक एयर डिफेंस सिस्टम, आकाश जैसे भारत में बने प्लेटफॉर्म, एस-400 जैसी आधुनिक डिफेंस सिस्टम ने भारत को अभूतपूर्व ताकत दी है। एक मजबूत सुरक्षा कवच भारत की पहचान बन गया है। पाकिस्तान की लाख कोशिशों के बाद भी हमारे एयरबेस या रक्षा ढांचे पर कोई आंच नहीं आई। इसका श्रेय आप सभी को जाता है।

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