घोसी में या तो वोट नहीं दो या NOTA दबाओ; मायावती की चुनाव से पहले वोटर्स से अपील

पांच सितंबर को होने वाले घोसी विधानसभा उपचुनाव से एक दिन पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने अपनी पार्टी के समर्थकों को मतदान से दूर रहने का निर्देश दिया है। बसपा ने उपचुनाव में कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है।

पार्टी प्रमुख मायावती ने पार्टी समर्थकों से मतदान से दूर रहने का आह्वान किया है। बसपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने सोमवार को कहा अगर पार्टी समर्थक मतदान केंद्र पर जाते हैं, तो वे नोटा विकल्प चुनें।

बसपा ने घोषणा करते हुए समर्थकों से कहा है कि वह उपचुनाव से दूर रहेंगे। बतादें कि घोसी उपचुनाव में मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है। दरअसल बसपा ने यहां कोई प्रत्याशी नहीं उतारा है और कांग्रेस ने सपा को समर्थन दिया है। यहां केवल भाजपा और सपा आमने-सामने है। भाजपा ने दारा सिंह और सपा ने सुधाकर सिंह को मैदान में उतारा है। ऐसे में भाजपा और सपा दोनों अब बसपा के वोटरों को लुभाने में लगे हैं।

दो बार घोसी सीट जीत चुकी है बसपा

बसपा की मऊ जिला इकाई के अध्यक्ष राज विजय ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को पार्टी नेतृत्व के फैसले से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा, बसपा चुनाव से बाहर है, हम अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करेंगे। घोसी विधानसभा सीट पर 1993 और 2007 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने जीत हासिल की थी। यह 1989, 1996, 2012 और 2017 के विधानसभा चुनावों में उपविजेता रही। मतदान से दूर रहने के बसपा के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, सपा नेता राजेंद्र चौधरी ने कहा, बसपा मुकाबले में नहीं है क्योंकि उसने उपचुनाव में कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है। बसपा भाजपा की बी टीम के रूप में काम कर रही है। वह मतदाताओं के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रही है। दलितों समेत मतदाताओं ने सपा को समर्थन देने का मन बना लिया है। सपा उम्मीदवार बड़े अंतर से सीट जीतेगा।

बीजेपी प्रवक्ता समीर सिंह ने कहा, उपचुनाव में बीजेपी को दलित समेत सभी समुदायों का समर्थन मिल रहा है। डबल इंजन की भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं से दलित समुदाय को लाभ हुआ है। मतदान केंद्र से दूर रहने के बजाय, वे भाजपा के लिए बड़ी जीत सुनिश्चित करने के लिए मतदान करने के लिए ताकत से जुटेंगे।

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