अयोध्या स्थित राम मंदिर के दानपात्र और चढ़ावे में कथित गबन के आरोपों को लेकर चल रहे विवाद के बीच महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि यदि लगाए गए आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उनके इस बयान ने मामले को नया राजनीतिक और धार्मिक आयाम दे दिया है।
चढ़ावा विवाद पर महंत कमलनयन दास का बड़ा बयान
राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए महंत कमलनयन दास ने कहा कि उन्हें अभी पूरे मामले की विस्तृत जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करेंगे चर्चा
महंत कमलनयन दास ने कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath से बात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर पूरे मामले पर चर्चा करेंगे।
उनके अनुसार, विवाद से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाना जरूरी है ताकि लोगों के बीच किसी प्रकार की गलतफहमी न रहे और सच्चाई स्पष्ट हो सके।
अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना
मीडिया से बातचीत के दौरान जब समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav के बयानों का जिक्र किया गया तो महंत कमलनयन दास ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि इस विवाद को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए और अखिलेश यादव का नाम इस मुद्दे से जोड़ना उचित नहीं है। साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी विपक्षी नेताओं पर सवाल उठाए।
दानपात्र विवाद को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल
राम मंदिर के चढ़ावे और दानपात्र को लेकर उठे आरोपों के बाद राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। विभिन्न राजनीतिक दल और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि इस मामले पर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।
महंत कमलनयन दास का बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वह राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े प्रमुख संतों में गिने जाते हैं और महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी हैं।
जांच और कार्रवाई पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल इस मामले में किसी आधिकारिक जांच या निष्कर्ष की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन विवाद को लेकर चर्चाएं लगातार जारी हैं। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन या संबंधित संस्थाएं इस मामले में आगे क्या कदम उठाती हैं।
महंत कमलनयन दास द्वारा निष्पक्ष जांच की मांग और मुख्यमंत्री से बातचीत की बात कहे जाने के बाद यह मुद्दा और अधिक चर्चा में आ गया है।