नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच भारत में एलपीजी गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर केंद्र सरकार ने बड़ा बयान जारी किया है। गैस की बढ़ती कीमतों के बीच लोगों में चिंता बढ़ने लगी थी, लेकिन सरकार ने साफ कहा है कि देश में एलपीजी या कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है और जनता को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
जंग का असर कीमतों पर, सप्लाई पर नहीं
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है, जिसका प्रभाव भारत में भी देखने को मिला है। हाल ही में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 110 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
कीमत बढ़ने के बाद देशभर में गैस की कमी को लेकर अफवाहें तेजी से फैलने लगीं, जिस पर सरकार ने लगातार अपील करते हुए कहा कि सप्लाई सामान्य बनी हुई है और घबराने की जरूरत नहीं है।
‘स्थिति चिंताजनक है, लेकिन कहीं ड्राई आउट नहीं’ — सरकार
मंगलवार (17 मार्च 2026) को केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश में एलपीजी की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। सरकार के अनुसार, “स्थिति चिंताजनक है, लेकिन कहीं भी ड्राई आउट नहीं है।”
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 94% गैस बुकिंग ऑनलाइन हो रही है, जबकि डिलीवरी ऑथेंटिकेशन रेट 76% तक पहुंच चुका है। कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई भी जारी है और राज्यों को 48 हजार किलोलीटर केरोसिन उपलब्ध कराया गया है।
पैनिक बुकिंग घटी, सप्लाई बनी स्थिर
सरकार ने बताया कि युद्ध से पहले रोजाना करीब 55 लाख एलपीजी बुकिंग होती थी, जो 13 मार्च को बढ़कर 89 लाख तक पहुंच गई थी। हालांकि अब यह संख्या घटकर लगभग 70 लाख रह गई है, जिससे साफ है कि पैनिक बुकिंग में कमी आई है।
घरेलू एलपीजी रिफिलिंग की बुकिंग भी लगातार 60 लाख के आसपास बनी हुई है, जिससे सप्लाई चेन सामान्य रहने का संकेत मिलता है।
जमाखोरी पर कार्रवाई, हजारों रेड
सरकार ने बताया कि एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए देशभर में बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है। अब तक 12,000 से ज्यादा छापेमारी की गई और करीब 15,000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
उत्तर प्रदेश में ही 1,400 स्थानों पर सरप्राइज निरीक्षण किए गए, जबकि आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक में भी लगातार कार्रवाई जारी है।
उत्पादन बढ़ाया गया, सप्लाई मजबूत
केंद्र सरकार के अनुसार 5 मार्च की तुलना में एलपीजी उत्पादन में 36% तक बढ़ोतरी की गई है। देश का लगभग 70% कच्चा तेल अलग-अलग स्रोतों से आ रहा है और ईरान समेत कई देशों से लगातार बातचीत जारी है ताकि सप्लाई प्रभावित न हो।
सरकार ने यह भी बताया कि जरूरत पड़ने पर कम सप्लाई वाले इलाकों को PNG नेटवर्क से जोड़ने का काम किया जा रहा है।
PNG और CNG सप्लाई पूरी तरह सामान्य
सरकार के बयान के मुताबिक PNG और CNG की सप्लाई 100% सामान्य है। करीब 1.5 करोड़ उपभोक्ताओं को नए PNG कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। देशभर में 1 लाख से अधिक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
सरकार ने दोहराया कि आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए लगातार निगरानी और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।