केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के भीतर जारी खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम के ऐलान से पहले वायनाड में लगे पोस्टरों ने पार्टी की अंदरूनी नाराजगी को सार्वजनिक कर दिया है। इन पोस्टरों में Rahul Gandhi और Priyanka Gandhi Vadra को सीधे निशाने पर लिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान बुधवार दोपहर से पहले केरल के नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर सकता है। हालांकि फैसले में हो रही देरी से पार्टी के कई गुटों में बेचैनी बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री पद की रेस में कौन-कौन?
मुख्यमंत्री पद के लिए कई बड़े नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इनमें एआईसीसी महासचिव K. C. Venugopal, विधानसभा में विपक्ष के नेता V. D. Satheesan और वरिष्ठ कांग्रेस नेता Ramesh Chennithala प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस नेतृत्व लगातार मंथन कर रहा है। इसी सिलसिले में राहुल गांधी ने मंगलवार को दिल्ली में केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्षों के साथ बैठक की।
राहुल गांधी ने ली वरिष्ठ नेताओं की राय
बैठक का मकसद लंबे समय से चल रही अनिश्चितता को खत्म करना और वरिष्ठ नेताओं की राय जानना था। सूत्रों के अनुसार बैठक में मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरों को लेकर चर्चा हुई और नेताओं ने अपनी-अपनी राय रखी।
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद पूर्व केपीसीसी अध्यक्ष K. Muraleedharan ने कहा कि पार्टी बुधवार तक मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर सकती है।
वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष V. M. Sudheeran ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी के साथ राज्य की राजनीतिक स्थिति और जनता के मूड पर विस्तार से चर्चा की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पार्टी जनता की भावना को ध्यान में रखकर फैसला करेगी।
वायनाड में लगे पोस्टरों से बढ़ा विवाद
मुख्यमंत्री चयन को लेकर जारी चर्चाओं के बीच वायनाड में कांग्रेस कार्यालय के पास कुछ पोस्टर लगाए गए, जिन्होंने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी। पोस्टरों में चेतावनी दी गई कि अगर के सी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाया गया तो केरल की जनता आलाकमान को माफ नहीं करेगी।
एक पोस्टर में लिखा गया कि ऐसा फैसला होने पर वायनाड “अगला अमेठी” बन जाएगा। वहीं कुछ पोस्टरों में वेणुगोपाल को राहुल गांधी का “बैग ढोने वाला” बताते हुए तीखी टिप्पणी की गई।
इतना ही नहीं, कुछ पोस्टरों में राहुल और प्रियंका गांधी पर “मूर्खतापूर्ण फैसले” लेने का आरोप लगाते हुए कहा गया कि केरल की जनता इसे नहीं भूलेगी। पोस्टरों में गांधी भाई-बहन को वायनाड भूल जाने की चेतावनी भी दी गई।
विधानसभा चुनाव में UDF को मिला था प्रचंड बहुमत
हाल ही में हुए केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नीत UDF गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 140 में से 102 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद से मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं।
140 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 63 विधायक हैं। इसके अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के 22, केरल कांग्रेस के 8 और आरएसपी के 3 विधायक गठबंधन का हिस्सा हैं।
हालांकि 4 मई को नतीजे आने के बाद भी मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं हो पाया है। पार्टी पर्यवेक्षक Ajay Maken और Mukul Wasnik विधायकों की राय लेने के बाद भी सहमति बनाने में जुटे हुए हैं।