कर्तव्य भवन: पीएम मोदी ने किया कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन, मंत्रालयों को मिला अत्याधुनिक नया दफ्तर

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बने कर्तव्य भवन-3 का भव्य उद्घाटन किया। यह भवन कई प्रमुख मंत्रालयों को एक ही परिसर में लाकर कार्यकुशलता, नवाचार और समन्वय को बढ़ावा देगा। इसमें गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, डीओपीटी, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) का कार्यालय शामिल होगा।

क्या है कर्तव्य भवन-3 की खासियत?

  • क्षेत्रफल: लगभग 1.5 लाख वर्ग मीटर
  • संरचना: दो बेसमेंट और 7 मंजिलें (भूतल समेत)
  • इको-फ्रेंडली सुविधाएं:
    • सोलर पैनल व सोलर वॉटर हीटर
    • अपशिष्ट जल पुन: उपयोग प्रणाली
    • ठोस कचरा प्रबंधन
    • ऊर्जा दक्ष एलईडी लाइट्स व स्मार्ट लिफ्ट्स
    • स्मार्ट एंट्री सिस्टम, कमांड सेंटर, CCTV निगरानी
    • ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन
  • ऊर्जा बचत: 30% कम ऊर्जा खपत
  • पार्किंग क्षमता: 600 कारें
  • सुविधाएं: योगा रूम, क्रेच, मेडिकल रूम, कैफे, मल्टीपर्पज हॉल
  • कांफ्रेंस हॉल:
    • 24 बड़े हॉल (45 लोगों की क्षमता)
    • 26 छोटे हॉल (25 लोगों की क्षमता)
    • 67 मीटिंग रूम (प्रत्येक में 9 सीटें)
    • 27 लिफ्ट व 2 स्वचालित सीढ़ियां

क्यों ज़रूरी था नया भवन?

शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि पुराने भवन जैसे शास्त्री, कृषि, उद्योग और निर्माण भवन 1950-70 के दशक में बने थे और अब जर्जर हो चुके हैं। उनके रखरखाव में अत्यधिक खर्च आता है। नए भवनों से हर साल लगभग ₹1500 करोड़ का किराया खर्च भी बचेगा।

भविष्य की योजना क्या है?

  • कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 सितंबर 2025 तक बनकर तैयार
  • कुल 10 भवन बनने हैं, जिनमें से 3 पर काम पूरा होने की ओर
  • अप्रैल 2027 तक सभी भवन बनकर तैयार होंगे
  • इन भवनों को मेट्रो से जोड़ने के लिए इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन से नई लाइन का प्रस्ताव

नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में बनेगा भारत संग्रहालय

जब सभी मंत्रालय कर्तव्य भवन में शिफ्ट हो जाएंगे, तब नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को पूरी तरह खाली कर वहां एक ‘भारत संग्रहालय’ स्थापित किया जाएगा। इसमें महाभारत काल से लेकर वर्तमान भारत की संस्कृति, इतिहास और विकास यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा।

सेंट्रल विस्टा परियोजना के अन्य घटक

  • नया संसद भवन और उपराष्ट्रपति एन्क्लेव पहले ही बनकर तैयार
  • कर्तव्य पथ का पुनर्विकास पूरा
  • प्रस्तावित निर्माण:
    • नया प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)
    • नया प्रधानमंत्री आवास
    • कैबिनेट सचिवालय
    • इंडिया हाउस
    • राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय

कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन केवल एक इमारत का लोकार्पण नहीं, बल्कि भारत सरकार के प्रशासनिक ढांचे को आधुनिक, टिकाऊ और एकीकृत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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