CJP और सरकार के बीच पहली बातचीत! JP Nadda से मुलाकात के बाद आया मोदी सरकार का पहला बयान, धर्मेंद्र प्रधान पर क्या हुई चर्चा?

परीक्षा पत्र लीक के विरोध में आयोजित CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संसद मार्च के दौरान सोमवार को राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन तेज हो गया। प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इसी बीच CJP के प्रतिनिधि सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। बैठक के बाद सरकार की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।

जेपी नड्डा बोले- प्रदर्शनकारियों की ओर से पहली बार आया बातचीत का प्रस्ताव

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, “आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 बजे से हमारी बातचीत चल रही है. बैठक अच्छे माहौल में हुई. उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ शुरुआती बातचीत विस्तार से हुई और शाम करीब 4 बजे उन्होंने मुझे एक लिखित ज्ञापन सौंपा. मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अपना धरना खत्म करने और हालात सामान्य करने में प्रशासन की मदद करने का आग्रह किया है.”

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कायम रही CJP

मुलाकात के बाद CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने उनकी मांगों को उचित स्तर तक पहुंचाने का भरोसा दिया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “मैं और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की है. हमने उनको अपनी मांगों के बारें बता दिया है, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा या उन्हें पद से हटाना शामिल है.”

उन्होंने यह भी कहा कि अब संगठन सरकार की ओर से आगे की कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।

1 करोड़ रुपये मुआवजे और सोनम वांगचुक की रिहाई की भी उठी मांग

CJP की ओर से आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि जेपी नड्डा ने इन मांगों पर पार्टी नेतृत्व से चर्चा करने के लिए समय मांगा है। संगठन की प्रमुख मांगों में पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तथा कथित रूप से आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा शामिल है।

वहीं, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा, “हमारी मांगें स्पष्ट हैं. धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए. जिन बच्चों ने आत्महत्या की है, उनके परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए. इसके अलावा, सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए.”

संसद मार्च के दौरान दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा

संसद मार्च के दौरान दिल्ली के कई हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। जब प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की ओर बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। प्रदर्शन के चलते राजधानी के कई इलाकों में यातायात भी प्रभावित हुआ। CJP का यह आंदोलन नीट-यूजी पेपर लीक और अन्य परीक्षा संबंधी अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही तय करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया।

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