दुकानों पर नाम लिखना गलत नहीं, केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी का योगी सरकार को समर्थन

त्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के रूट पर दुकानों पर नाम लिखने का आदेश जारी किए जाने पर सियासत गर्माई हुई है। अब केंद्रीय मंत्री एवं हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक जीतनराम मांझी ने योगी आदित्यनाथ सरकार के इस फैसले का समर्थन किया है।उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस द्वारा कांवड़ यात्रा मार्ग पर दुकानों पर नाम लिखने के लिए कहे जाने में उन्हें कुछ भी गलत नहीं लगता है। मांझी की पार्टी हम बिहार में बीजेपी नीत गठबंधन एनडीए में शामिल है। हालांकि, बिहार के सीएम नीतीश कुमार की जेडीयू और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोजपा रामविलास समेत बीजेपी के अन्य कुछ सहयोगी दलों ने यूपी सरकार के इस फैसले पर आपत्ति जताई है।

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतनराम मांझी ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि वह अन्य दलों के बारे में तो नहीं कह सकते हैं। लेकिन उन्हें इस तरह के आदेश में कुछ भी गलत नहीं लगता है। अगर कारोबार से जुड़े लोगों से उनके नाम और पते प्रमुखता से प्रदर्शित करने के लिए कहा जाए तो इसमें कोई नुकसान नहीं है। अगर इस तरह नाम लिखे होंगे, तो खरीदार अपनी पसंद की दुकान से सामान ले सकेंगे। इस मामले को धर्म के चश्मे से देखना गलत है।

बता दें कि मांझी बिहार के प्रमुख दलित नेता हैं। वे महादलित वर्ग से आने वाली मुसहर जाति से आते हैं। हालांकि, बिहार एनडीए में शामिल दूसरे दलित नेता चिराग पासवान का रुख इस मुद्दे पर मांझी से अलग है। हाल ही में चिराग ने यूपी की बीजेपी सरकार द्वारा कांवड़ रूट पर दुकानदारों के नाम लिखने के आदेश का विरोध किया। उन्होंने कहा कि वह जाति और धर्म को बांटने के फैसले का समर्थन नहीं करते हैं। जातिवाद और सांप्रदायिकता ने देश को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है।

दूसरी ओर, विपक्षी दल भी इस फैसले को लेकर बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। विपक्ष ने योगी सरकार पर दो समुदायों के बीच खाई पैदा करने का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि सरकार का उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान मुस्लिम फल विक्रेताओं को व्यवसाय करने से रोकना है।

 

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