
मिशन 2024 के लिए यूपी में मिशन 80 का लक्ष्य लेकर चल रही भाजपा की कोशिशें अभी कुछ और दलों को एनडीए के साथ जोड़ने पर लगी हुई हैं। उसके निशाने पर जयंत चौधरी और उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोकदल है।
पश्चिमी यूपी में बीजेपी के बड़े नेता और योगी सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने रालोद को 2009 की याद दिलाते हुए इशारों में कहा कि हमारे साथ ही उसका फायदा है।
उन्होंने एक तरफ कहा कि रालोद से गठबंधन का फैसला हाईकमान करेगा तो दूसरी ओर रालोद को याद दिलाया कि 2009 में भाजपा के साथ गठबंधन के कारण सबसे ज्यादा फायदा उसे ही हुआ था। तब रालोद ने पांच सीटें जीती थीं। उसके बाद हुए दोनों चुनावों 2014 और 2019 में रालोद कोई सीट नहीं जीत सकी थी। हालांकि जयंत चौधरी ने भी मंत्री को इशारों में करारा जवाब दे दिया है। जयंत चौधरी ने साफ कर दिया कि उनका एजेंडा साफ है। कहा कि भाई से भाई को लड़ाने वालों के खिलाफ एकजुटता और धर्मनिरपेक्षता ही उनका एजेंडा है। इस एजेंडे के तहत ही चुनाव में काम करते रहेंगे।
यूपी में बीजेपी विपक्षी गठबंधन के दलों में लगातार सेंधमारी कर रही है। पिछले दिनों सपा के साथी सुभासपा को अपने साथ मिलाते हुए ओपी राजभर को एनडीएम में शामिल कर लिया गया था। योगी सरकार में मंत्री अग्रवाल ने यह भी दावा किया कि रालोद के मतदाता आज बीजेपी को अपनी पसंद बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2009 के लोकसभा चुनाव में आरएलडी का बीजेपी के साथ गठबंधन था और उसे पांच सीटें मिली थीं। बाद के चुनावों में निचले सदन में उनका कोई सांसद नहीं बन पाया। उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह है कि रालोद के लिए बीजेपी के साथ गठबंधन सबसे फायदेमंद साबित हुआ है.
बीजेपी ने हमेशा आरएलडी का सम्मान किया
उन्होंने यह भी कहा कि अगले साल की शुरुआत में लोकसभा चुनाव में वे (RLD) बीजेपी के साथ गठबंधन करेंगे या नहीं, इसका फैसला भाजपा नेतृत्व और रालोद प्रमुख जयंत चौधरी करेंगे। यह मेरा काम नहीं है। हालांकि, मैं यह जरूर कहूंगा कि रालोद के मतदाता आज भाजपा की ओर आकर्षित हैं। अग्रवाल ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में जोर देकर कहा कि बीजेपी ने रालोद को हमेशा सम्मान दिया और रिजर्वेशन दिया है।
भाइचारा बनाए रखना जरूरी है, यही हमारा एजेंडा है, जयंत का जवाब
वहीं, जयंत चौधरी ने मंत्री को करारा जवाब दिया है। दिल्ली के इंडियन कल्चरल सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि इस समय भाइयों को भाइयों से लड़ाने की कोशिश हो रही है। भाईचारा बनाए रखना जरूरी है। हमारा एजेंडा भी यही है। जिस तरह से नूंह में घटना हुई है।
ट्रेन में वारदात हुई है। हर मुहल्ले में छोटी छोटी बातों को लेकर तनाव फैलाने के लिए बाहर से लोग आ जाते हैं। भाइयों को भाइयों से लड़ाने की कोशिश हो रही है। उनके खिलाफ एकजुट होकर आज हमने यहां बोला भी है और यह कार्यक्रम किया है। यही हमारे एजेंडा में है। लोकल एजेंडा में है और मूल एजेंडा भी है। जयंत ने कहा कि जो देश को आगे बढ़ाना चाहते हैं, देश के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप को बनाए रखना चाहते हैं उनसे आगे आने के लिए कहा गया है।