अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब एक भीषण युद्ध में तब्दील हो चुका है, जिस पर पूरी दुनिया की सांसें अटकी हुई हैं। अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद हालात पूरी तरह से बेकाबू हो गए हैं और ईरान लगातार जवाबी हमले कर रहा है। इसी बीच, ईरान की तरफ से एक बेहद चौंकाने वाला दावा सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय को सीधे मिसाइलों से निशाना बनाया है।
ईरान का सनसनीखेज दावा: निशाने पर नेतन्याहू का दफ्तर
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस बात का बड़ा दावा किया है कि सोमवार (2 मार्च) की सुबह उनके द्वारा इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस पर मिसाइलें दागी गई हैं। ईरान टाइम्स की प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सेना ने केवल पीएम ऑफिस ही नहीं, बल्कि इजरायल के वायुसेना कमांडर के कार्यालय पर भी हमला करने की बात कही है। IRGC का स्पष्ट तौर पर कहना है कि उन्होंने अपने ‘ऑपरेशन ट्रुथ प्रॉमिस 4’ के तहत इजरायल के इन सबसे वीआईपी और सुरक्षित माने जाने वाले ठिकानों पर मिसाइल स्ट्राइक को अंजाम दिया है।
इजरायल ने किया दावों का तीखा खंडन
हालांकि, ईरान की तरफ से किए गए इस खौफनाक दावे के तुरंत बाद इजरायल की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है। इजरायली प्रशासन ने अपने प्रधानमंत्री के दफ्तर और वायुसेना कमांडर के मुख्यालय पर हुए किसी भी तरह के मिसाइल हमले की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। इजरायल का कहना है कि ईरान के ये दावे पूरी तरह से झूठे और आधारहीन हैं।
मिडिल ईस्ट में मची भारी तबाही
अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के खात्मे के बाद से पूरे मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में अशांति फैल गई है। ईरान अब आक्रामक रुख अपनाते हुए न सिर्फ इजरायल को जवाब दे रहा है, बल्कि उन देशों को भी निशाना बना रहा है जहां अमेरिकी सेना के बेस मौजूद हैं। इस तनाव की आंच अब कतर, दुबई (यूएई) और बहरीन जैसे खाड़ी देशों तक भी पहुंच गई है, जहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान लगातार हमले कर रहा है।