ग्राहकों के लिए बड़ी खुशखबरी: अब नहीं देना होगा मिनिमम बैलेंस का जुर्माना, IOB का बड़ा फैसला

Indian Overseas Bank News: भारतीय ओवरसीज बैंक (IOB) ने अपने ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए न्यूनतम औसत शेष राशि (MAB) पर लगने वाले जुर्माने को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। अब बचत खाता धारकों को मिनिमम बैलेंस न रखने पर कोई पेनाल्टी नहीं देनी होगी।

30 सितंबर तक पुराने नियम लागू

बैंक की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ के मुताबिक, 30 सितंबर 2025 तक ग्राहकों को पुराने नियमों के तहत ही चार्ज देना होगा। लेकिन 1 अक्टूबर 2025 से नया नियम लागू हो जाएगा और खाताधारकों को मिनिमम बैलेंस न रखने पर किसी तरह का जुर्माना नहीं लगेगा।

छोटे खाताधारकों और पेंशनधारकों को लाभ

इस कदम से खासतौर पर छोटे खाताधारकों और पेंशनधारकों को बड़ी राहत मिलेगी। अक्सर जानकारी की कमी या खाते में पर्याप्त पैसा न होने की वजह से उन्हें जुर्माना भरना पड़ता था। अब यह परेशानी खत्म हो जाएगी।

बैंक का मकसद क्या है?

IOB के एमडी और सीईओ अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा—
“बैंक का उद्देश्य हर ग्राहक को आसान और सुलभ बैंकिंग सुविधा देना है। न्यूनतम शेष राशि पर पेनाल्टी हटाने से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा और ग्राहकों का भरोसा भी मजबूत होगा।”

क्या होता है न्यूनतम औसत शेष राशि (MAB)?

न्यूनतम औसत शेष राशि वह रकम है, जिसे खाताधारक को महीनेभर अपने बचत खाते में बनाए रखना होता है। ऐसा न करने पर बैंक पेनाल्टी वसूलती है। अलग-अलग बैंकों और खातों के प्रकार के अनुसार यह राशि अलग-अलग होती है।

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