नवंबर के अंत तक भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर आ सकती है खुशखबरी, नीति आयोग के सीईओ ने दिए बड़े संकेत

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) को लेकर जल्द ही बड़ी घोषणा हो सकती है। नीति आयोग के सीईओ बी. वी. आर. सुब्रह्मण्यम ने शुक्रवार (7 नवंबर 2025) को भरोसा जताया कि नवंबर के अंत तक इस समझौते पर कुछ सकारात्मक खबरें सामने आ सकती हैं।

सुब्रह्मण्यम ने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापारिक रिश्ते थोड़े मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं, लेकिन उन्हें फिर से पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि अमेरिका के साथ चीजें थोड़ी मुश्किल रही हैं और इसे फिर से शुरू करने की कोशिश की जा रही है। व्यापार वार्ता चल रही है। उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक हमें कुछ सकारात्मक खबर मिल सकती है।”

भारत में अमेरिकी निवेश बढ़ा, खुल रहे ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर

नीति आयोग के सीईओ ने सीएनबीसी-टीवी18 के ग्लोबल लीडरशिप समिट 2025 में कहा कि भारत तेजी से विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि “अमेरिकी कंपनियां भारत में वैश्विक क्षमता केंद्र (Global Capability Centers) खोल रही हैं। इसका सीधा मतलब है कि भारत का मूल आकर्षण बाकी सभी चीजों से अधिक प्रभावशाली है।”

यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका भारत पर रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर लगातार दबाव बना रहा है। इसके बावजूद भारतीय बाजार में अमेरिकी कंपनियों की बढ़ती उपस्थिति इस बात का संकेत देती है कि दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्ते मजबूत दिशा में बढ़ रहे हैं।

‘उथल-पुथल भरी दुनिया में भारत सबसे उज्ज्वल स्थान’

सुब्रह्मण्यम ने कहा, “दुनिया एक उतार-चढ़ाव से गुजर रही है। यह नहीं पता कि इससे कैसे निपटना है। दुनिया उस दिशा में बढ़ रही है, जहां कम वृद्धि दर एक सामान्य बात है।” उन्होंने आगे कहा, “इन सबके बीच भारत एक अलग ही स्थिति में है। मेरा मतलब है कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था में सबसे उज्ज्वल स्थान है, और यही इसे महत्वपूर्ण बनाता है।”

अमेरिकी टैरिफ तनाव के बीच आया यह बयान

सुब्रह्मण्यम का यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल खरीदने को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ट्रंप प्रशासन ने भारत से आयात होने वाले उत्पादों पर पहले 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था और बाद में अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क बढ़ा दिया। यानी अब भारत से अमेरिका को निर्यात होने वाले सामानों पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लागू है।

फिलहाल, सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नवंबर के अंत तक क्या भारत-अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित ट्रेड डील पर कोई ठोस घोषणा होती है या नहीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *