लोकसभा में बजट सत्र के दौरान बुधवार (11 फरवरी 2026) को तब हड़कंप मच गया जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम विवादित ‘एपस्टीन फाइल्स’ (Epstein Files) से जोड़ दिया. राहुल गांधी के इन गंभीर आरोपों पर हरदीप सिंह पुरी ने सदन में ही करारा जवाब दिया. उन्होंने न केवल आरोपों को बेबुनियाद बताया, बल्कि उस मुलाकात का पूरा सच भी बयां किया. पुरी ने खुलासा किया कि जेफरी एपस्टीन ने उन्हें ‘दोमुंहा’ (Two-faced) तक कह दिया था.
‘युवा नेता को पता होना चाहिए कि फाइल्स में क्या है’
हरदीप सिंह पुरी ने राहुल गांधी की समझ पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवा नेता को यह पता होना चाहिए कि एपस्टीन फाइल्स गलत कामों और आपराधिक मामलों से संबंधित हैं. उन्होंने कहा, ‘फाइल्स में आरोप हैं कि एपस्टीन के पास एक द्वीप था, जहां वे अनैतिक काम करते थे. उन पीड़ितों ने अधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज कराए हैं. मेरी बातचीत का इससे कोई लेना-देना नहीं था.’
क्यों और कैसे हुई थी एपस्टीन से मुलाकात?
अपने बचाव में तथ्यों को रखते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पीस इंस्टिट्यूट (IPI) के एक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहते हुए जेफरी एपस्टीन से मुलाकात की थी. उन्होंने कहा, ‘मुझे एपस्टीन की गतिविधियों में कोई दिलचस्पी नहीं थी. उसने मुझे दोमुंहा कहा था.’
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत द्वारा ईमेल का हवाला दिए जाने पर पुरी ने कहा, ‘ये तथ्य सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं. 30 लाख ईमेल जारी किए जा चुके हैं. मैं मई 2009 से जब मैंने संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत के रूप में कार्यभार संभाला, आठ साल तक न्यूयॉर्क में रहा. इन आठ वर्षों में संभवतः तीन या चार बार एपस्टीन से मुलाकातों का जिक्र है.’
‘पीएम मोदी दबाव में नहीं आते’
संसद में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दबाव में थे. इस पर हरदीप सिंह पुरी ने पीएम का बचाव करते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री दबाव में नहीं हैं. मैंने प्रधानमंत्री के साथ काम किया है, यह मेरा नौवां साल है. पीएम का दिमाग दबाव महसूस करने के लिए बना ही नहीं है. वे हर समय शांत रहते हैं, हममें से कई लोग दिन में 18 घंटे काम करते हैं, वे उससे भी ज्यादा काम करते हैं.’
राहुल गांधी पर कसा तंज
हरदीप पुरी ने राहुल गांधी के रवैये पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री देश को बदलने के लिए लगातार काम कर रहे हैं, शायद युवा नेता (राहुल गांधी) इसे सहन नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसीलिए वे संसद में आकर बयान देते हैं और फिर स्थिति से भाग जाते हैं.