
हमास के खिलाफ युद्ध में इजरायल को एक अहम सफलता मिली है। उसने एक शीर्ष हमास आतंकी को मार गिराया है। खुद हमास ने इसकी पुष्टि की है, हालांकि उसने यह नहीं बताया कि वह कब और कहां मारा गया है।मारे गए हमास आतंकी का नाम अहमद अल-गंदौर है। बताया जाता है कि वह बीते कई साल से इजरायल के निशाने पर था। इतना ही नहीं, इजरायल ने उसे तीन बार मारने की भी कोशिश की थी, लेकिन अल-गंदौर अभी तक बचा हुआ था। गौरतलब है कि इजरायल और हमास के बीच फिलहाल चार दिन का युद्धविराम है। इस दौरान हमास ने कुछ बंधकों को भी छोड़ा है।
तीन बार से बच रहा था
हमास आतंकी के मारे जाने की खबर रविवार को आई। इसके मुताबिक हमास ने कहा है कि इजरायल के साथ युद्ध में उसका एक शीर्ष कमांडर मारा गया है। चरमपंथी समूह ने रविवार को अहमद अल-गंदौर की मौत की घोषणा की। इसने हालांकि यह नहीं बताया कि वह कब और कहां मारा गया। अल-गंदौर समूह की सशस्त्र शाखा का एक उच्च पदस्थ सदस्य और उत्तरी गाजा में हमास का शीर्ष कमांडर था। वाशिंगटन स्थित ‘काउंटर एक्सट्रीमिज्म प्रोजेक्ट’ के अनुसार, 2002 तक उसे मारने के लिए इजरायल द्वारा किए गए कम से कम तीन प्रयासों में वह बच गया था।
युद्धविराम का असर
इस बीच हमास और इजरायल के बीच चार दिवसीय युद्धविराम से दक्षिण लेबनान के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी शांति बहाल होने लगी है। युद्ध के चलते जो लोग गांव में अपने घर खाली करके चले गए थे वे अब वापस लौटने लगे हैं। बंद दुकानें फिर से खुल गई हैं और सड़कों पर वाहन भी नजर आ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन के अनुसार, इजरायल-हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद लेबनानी चरमपंथी समूह हिजबुल्ला और इजराइली बलों के बीच कई बार संघर्ष देखा गया, जिसके कारण सीमावर्ती इलाकों से लगभग 55,500 लेबनानी नागरिक अपने घर छोड़कर चले गए। इस संघर्ष के दौरान लेबनान में भी 100 से अधिक और इजरायल में 12 लोग मारे गए। लेबनान में कम से कम 12 आम नागरिकों को जान गंवानी पड़ी, जिनमें तीन पत्रकार थे।