ASI ज्ञानवापी सर्वे रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल, कोर्ट से मुस्लिम पक्ष बोला- लीक नहीं हो अंदर की बात

वाराणसी की काशी विश्वनाथ मंदिर से सटी ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वेक्षण की रिपोर्ट सोमवार को एएसआई ने जिला जज की अदालत में सौंप दी। कोर्ट के आदेश पर पूरी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल की गई है।सर्वे में जुटाई गई सामग्री डीएम को सौंपी गई है। रिपोर्ट को लेकर मुस्लिम पक्ष ने भी एक अर्जी दाखिल की है। इसमें रिपोर्ट के साथ ही बिना हलफनामे के किसी को भी सार्वजनिक नहीं करने की इजाज़त न देने की मागं की गई है। अब अगली सुनवाई 21 दिसंबर को होगी।दिल्ली की राखी सिंह सहित पांच महिलाओं की ओर से शृंगार गौरी सहित अन्य विग्रहों के पूजा अधिकार की मांग वाली अर्जी पर सुनवाई के तहत जिला अदालत ने ज्ञानवापी परिसर का एएसआई से वैज्ञानिक सर्वे का आदेश दिया था। जिला जज की अदालत ने एएसआई को सर्वे कर सील बंद लिफाफे में रिपोर्ट जमा करने का आदेश एएसआई को दिया था। पहले यह रिपोर्ट अक्टूबर में ही जमा करनी थी। लेकिन बारिश और अन्य कारणों का हवाला देते हुए एएसआई लगातार रिपोर्ट जमा करने के लिए समय मांगता रहा।वाराणसी जिला जज के आदेश पर 24 जुलाई को सर्वे शुरू हुआ था। लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट फिर हाईकोर्ट पहुंचने से रुक गया था। इसके बाद 4 अगस्त को दोबारा सर्वे शुरू हुआ और 16 नवंबर तक चला।जिला जज का आदेश मिलते ही 24 जुलाई को ASI की टीम ने सर्वे शुरू कर दिया था। हालांकि, मुस्लिम पक्ष यानी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी सर्वे के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। इसके बाद उसी दिन यानी 24 की शाम को सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे पर रोक लगा दी थी । इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट से ज्ञानवापी सर्वे की मंजूरी मिली। 4 अगस्त से ASI के देशभर से आए विशेषज्ञों ने सर्वे शुरूकिया। 4 अगस्त से जारी सर्वे 16 नवंबर को पूरा हो गया। वाराणसी कोर्ट ने शुरुआत में सर्वे के लिए 28 दिन का वक्त दिया था। उसके बाद ASI की मांग पर कोर्ट ने सर्वे का वक्त 3 बार बढ़ाया।

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