Gopal Khemka Murder Case: 10 लाख में हुई थी सुपारी डील, बेऊर जेल से रची गई थी हत्या की साजिश

Gopal Khemka Murder Case: बिहार के जाने-माने कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या के मामले में पटना पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि यह हत्या एक पूर्व नियोजित साजिश थी, जिसकी सुपारी 10 लाख रुपये में दी गई थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड की साजिश बेऊर जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर अजय वर्मा ने रची थी।

मास्टरमाइंड अशोक साव ने जेल से करवाई सुपारी डील

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मास्टरमाइंड अशोक साव ने अजय वर्मा को सुपारी दी थी, जिसने अपने गैंग के जरिये हत्या को अंजाम दिया। मुख्य शूटर उमेश यादव उर्फ विजय को 3.5 लाख रुपये दिए गए। हत्या 4 जुलाई 2025 की रात पटना के गांधी मैदान थाना क्षेत्र में गोपाल खेमका के अपार्टमेंट के बाहर की गई थी। सीसीटीवी फुटेज में पूरी वारदात कैद हो गई थी।

हथियार सप्लायर राजा एनकाउंटर में ढेर

पूछताछ में उमेश यादव ने हथियार सप्लायर विकास उर्फ राजा का नाम उजागर किया, जो उसका पुराना साथी था। पुलिस ने सोमवार रात राजा के ठिकाने पर छापेमारी की, जहां मुठभेड़ में वह मारा गया। राजा पर पहले से ही कई संगीन आपराधिक मामलों में संलिप्तता थी।

बेऊर जेल से मिले अहम सुराग

हत्याकांड के बाद पुलिस को बेऊर जेल से कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे, जिसमें तीन मोबाइल फोन, सिम कार्ड और संदिग्ध नंबरों की एक पर्ची शामिल थी। इन्हीं सबूतों के आधार पर उमेश यादव को पटना के मालसलामी इलाके से गिरफ्तार किया गया।

हत्या के पीछे जमीन या कारोबारी रंजिश

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे जमीन विवाद या कारोबारी रंजिश हो सकती है। पुलिस ने उमेश की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्तौल, स्कूटी और 3 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं।

शाम 5 बजे DGP करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस

बिहार के डीजीपी विनय कुमार आज शाम 5 बजे सरदार पटेल भवन, पटना पुलिस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हत्याकांड से जुड़े तमाम तथ्यों का खुलासा करेंगे। इस दौरान आईजी जितेंद्र राणा, एसएसपी कार्तिकेय शर्मा और ऑपरेशन में शामिल अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

बेऊर जेल से चल रहा था अपराध का नेटवर्क

इस हत्याकांड ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि पूरी साजिश एक सरकारी जेल के भीतर से रची गई थी। गोपाल खेमका की हत्या ने साफ कर दिया है कि जेलों के अंदर से संगठित अपराध अभी भी सक्रिय हैं।

पटना पुलिस की इस कार्रवाई से बिहार की राजनीति और अपराध जगत में बड़ी हलचल मच सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *