वाराणसी में गंगा का जलस्तर हर घंटे तेजी से बढ़ रहा है, जिससे घाटों से लेकर मंदिरों तक जलभराव की स्थिति बन गई है। मंगलवार को गंगा का जलस्तर 68.70 मीटर तक पहुंच गया, जो अभी चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर से करीब 1.56 मीटर नीचे है, लेकिन हालात गंभीर होते जा रहे हैं।
अस्सी घाट पर गंगा का पानी “सुबह-ए-बनारस” मंच तक पहुंच गया है, जबकि दशाश्वमेध घाट पर शीतला माता मंदिर पूरी तरह डूब चुका है। अब सिर्फ मंदिर का ऊपरी हिस्सा ही नजर आ रहा है।
अब सांकेतिक होगी गंगा आरती, मोटरबोट से दर्शन पर रोक
जल पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए नावों और मोटरबोट से गंगा आरती दिखाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।
जल पुलिस प्रभारी राजकिशोर पांडेय ने बताया कि दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती अब सांकेतिक रूप से की जाएगी। घाटों पर NDRF और PAC की टीमें तैनात की गई हैं।
मंदिरों पर कहर, मां शीतला की प्रतिमा स्थानांतरित
दशाश्वमेध घाट स्थित शीतला माता मंदिर में देर रात पानी घुस गया था, जिसके बाद मां शीतला की प्रतिमा को अहिल्याबाई स्टेट स्थित अहिलेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित किया गया। वहीं से अब नित्य पूजा-पाठ व भोग किया जा रहा है।
नमो घाट का “नमस्ते स्कल्पचर” भी जलमग्न हो गया है। अस्सी से राजघाट तक सभी मंदिर पानी में डूब चुके हैं, कई जगह सिर्फ मंदिरों के शिखर ही दिखाई दे रहे हैं।
वरुणा कॉरिडोर से मोहल्लों में घुसा पानी
गंगा की सहायक नदी वरुणा का पलट प्रवाह भी अब संकट बढ़ा रहा है। वरुणा कॉरिडोर के आसपास के मोहल्लों में पानी भरना शुरू हो गया है।
- हिदायत नगर, दीनदयालपुर, डुमरांव बाग कॉलोनी, साकेत नगर, रोहित नगर और बटुआपुरा जैसे इलाकों में घरों में पानी घुस चुका है।
- रमना इलाके में शव स्थल तक पानी चढ़ आया है और अब वहां सैकड़ों बीघा फसल डूबने की आशंका है।
प्रशासन सतर्क, दौरे जारी
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से निगरानी तेज कर दी गई है। नगवां प्राथमिक विद्यालय में राजस्व विभाग की टीम और अमीन सुरेंद्र मिश्रा लगातार स्थिति का जायजा ले रहे हैं।