सीएम योगी बुलडोजर बाबा नहीं, अर्थ प्रबंधन बाबा बन चुके हैं : दिनेश शर्मा

राज्यसभा सांसद एवं यूपी के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने विपक्ष को लेकर कहा कि महाकुंभ पर अनर्गल बयानबाजी करके गाली देने वालों के लिए नर्क में अभी काफी जगह खाली हो सकती है। विपक्ष के एक नेता ने महाकुंभ में उमड़ी भारी भीड़ और उनके स्नान को लेकर विवादित बयान दिया।
उन्होंने कहा कि लोगों को भाजपा की विचारधारा से विरोध हो सकता है, आस्था के पर्व का विरोध करने का कोई कारण नजर नहीं आता है। ऐसा सिर्फ इसलिए हो रहा है, क्योंकि सनातन को मानने वालों को बांटकर अपनी राजनीति को चमकाने की हसरत पालने वालों के सपनों पर महाकुंभ की भीड़ ने पानी फेर दिया है। वहां पर जाति के सारे बंधन टूट गए हैं। इस महाकुंभ के आयोजन से यूपी सरकार के खजाने में करीब तीन लाख करोड़ रुपए आने वाले हैं। असल में सीएम योगी बुलडोजर बाबा नहीं, अर्थ प्रबंधन बाबा बन चुके हैं। आने वाले समय में यूपी भारत का श्रेष्ठतम प्रदेश बनेगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और सीएम योगी के नेतृत्व में धार्मिक स्थलों का विकास हुआ है, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई तेजी मिली है। इसकी बानगी प्रयागराज महाकुंभ में आने वाले लोगों की संख्या से मिलती है और ये लोग आसपास के अयोध्या, वाराणसी, विंध्याचल, चित्रकूट, नैमिषारण्य आदि स्थानों पर भी जा रहे हैं। इससे हर प्रकार की अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है। धार्मिक पर्यटन से यूपी की आय बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग महाकुंभ की आलोचना करने के साथ वहां डुबकी भी लगा रहे हैं। उन्हें आस्था के पर्व की आलोचना से बचना चाहिए। उन्हें सफाई में लगे कार्मिकों, पुलिस कर्मियों और अधिकारियों की मेहनत नहीं दिख रही है। कुछ लोग तो ऐसे भी हैं, जो यूपी सरकार को बदनाम करने के लिए गिद्ध दृष्टि लगाकर बड़ी घटना के होने का इंतजार कर रहे थे। महाकुंभ दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन है। आज दुनिया सनातन की ताकत देखकर अचंभित है कि किस प्रकार से 50 करोड़ से अधिक लोग बिना भेदभाव के स्वच्छ और निर्मल जल में डुबकी लगा चुके हैं।उन्होंने आगे कहा कि बजट से केंद्र सरकार ने एक बड़ी लकीर खींच दी है। यह देश के विकास को नई दिशा देगा। आम बजट यूपी और देश का कायाकल्प करने वाला है। इससे छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। देश के बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास पर पूरा जोर दिया गया है। इसकी बानगी यूपी में भी देखने को मिल रही है। आस्था के सबसे बड़े महापर्व महाकुंभ में भी पूंजीगत व्यय ही सबसे अधिक हुआ है। वहां पर बड़ी संख्या में पुल, घाट और सड़कें बनी हैं। मध्यम वर्ग को आयकर में मिली छूट निवेश और बाजार में खपत बढ़ाने का माध्यम बनेगी। इससे मांग और उत्पादन भी बढ़ेगा।

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