प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने शुक्रवार (21 नवंबर 2025) की अहले सुबह धनबाद में बड़ी कार्रवाई करते हुए कोयला कारोबारी एलबी सिंह उर्फ लाल बाबू सिंह और बीसीसीएल (BCCL) के कई बड़े अधिकारियों के 18 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। यह छापेमारी कोयला कारोबार से जुड़े मामले में चल रही है।
छापेमारी का कारण और ठिकाने
कारण: बताया जा रहा है कि कोल माइंस टेंडर में बड़ी गड़बड़ी हुई है और टेंडर के दौरान कई तरह की अनियमितता बरती गई थी, जिसको लेकर यह कार्रवाई चल रही है।
ठिकाने: ईडी की कार्यवाही धनबाद के एलबी सिंह के आवास और झरिया स्थित देव प्रभा आउट सोर्सिंग के कार्यालय, धनबाद स्थित कार्यालय सहित कुल 18 ठिकानों पर चल रही है।
पश्चिम बंगाल कनेक्शन: बीसीसीएल के अधिकारियों के यहां छापेमारी के अलावा, पश्चिम बंगाल के आसनसोल और दुर्गापुर में भी ईडी की टीम रेड कर रही है।
कुत्तों के कारण रेड में हुई देरी
एलबी सिंह के धनबाद सरायढेल स्थित आवास पर जब ईडी की टीम दाखिल होने पहुंची, तब घर में बंधे कुत्तों को छोड़ दिया गया। इस वजह से ईडी की टीम को लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद अंदर दाखिल होने और छापेमारी शुरू करने में सफलता मिली।
एलबी सिंह: 2011 की आईटी रेड में मिले थे ₹100 करोड़ नकदी
कोयला कारोबारी एलबी सिंह का इतिहास विवादित रहा है:
2011 की घटना: वर्ष 2011 में देश की सबसे बड़ी आईटी रेड धनबाद के झरिया में पड़ी थी। तब एलबी सिंह बीसीसीएल का एक छोटा-मोटा ठेकेदार हुआ करता था। उस रेड में एलबी सिंह के आवास से ₹100 करोड़ रुपए नकदी समेत कई दस्तावेज बरामद किए गए थे।
करोड़ों का फाइन: इस घटना के बाद आईटी एक्ट के तहत करोड़ों रुपए फाइन जमा कराए गए, जिसके बाद से एलबी सिंह धनबाद कोयलांचल का एक चर्चित चेहरा बन गया।
वर्तमान स्थिति: आज एलबी सिंह एटा देव प्रभा कंपनी का मालिक है और बीसीसीएल के अधीन कई कोयला खदानों को आउटसोर्सिंग पर लेकर अपना साम्राज्य चला रहा है। उन पर बीसीसीएल अधिकारियों के ब्लैक मनी को बाजार में लगाने का भी आरोप रहा है।