नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ते हुए 206.76 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 205.33 मीटर से डेढ़ मीटर ऊपर है। निचले इलाकों में पानी भर जाने से हालात बिगड़ गए हैं। प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए अब तक 4,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया है।
निचले इलाकों में जलभराव, कई क्षेत्र डूबे
बाढ़ का पानी दिल्ली के बुराड़ी, यमुना बाजार, एमनेस्टी मार्केट, तिब्बती बाजार, बासुदेव घाट जैसे इलाकों में भर गया है। वहीं, आईटीओ छठ घाट भी जलमग्न हो गया है। नदी किनारे स्थित यमुना खादर, यमुना वाटिका और आसिता पार्क जैसे स्थानों पर भी पानी भर गया है। झुग्गियों को खाली कराया जा रहा है और लोगों को राहत शिविरों में भेजा जा रहा है।
बैराज से छोड़ा जा रहा है पानी
जानकारी के मुताबिक, लगातार बारिश और पहाड़ी इलाकों में अधिक वर्षा के चलते बैराजों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है।
- हथिनीकुंड बैराज से सुबह तक 168,883 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
- वजीराबाद बैराज से 128,160 क्यूसेक और
- ओखला बैराज से 165,145 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
अधिकारियों का कहना है कि छोड़ा गया पानी 48 से 50 घंटे में दिल्ली पहुंचता है, ऐसे में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
2023 जैसी स्थिति की आशंका
यमुना का चेतावनी स्तर 204.50 मीटर है और खतरे का निशान 205.33 मीटर। वर्तमान में यह 206 मीटर से ऊपर है। उल्लेखनीय है कि 13 जुलाई 2023 को यमुना ने 208.66 मीटर का रिकॉर्ड बनाया था, जिससे दिल्ली में भारी बाढ़ जैसे हालात बन गए थे।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने कहा है कि लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए और सतर्क रहते हुए प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए। अधिकारियों के मुताबिक, यह एहतियाती कदम हैं ताकि जनहानि से बचा जा सके।