लखनऊ: प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस और सपा पर छात्रों को भड़काने, उनकी छवि खराब करने और देश के खिलाफ षड्यंत्र रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष युवाओं और छात्रों के मुद्दों का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि संसद घेराव के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने छात्रों की छवि खराब करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि पहले युवाओं, दलितों और वंचित वर्गों को भड़काने की कोशिश की गई, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिलने के बाद अब छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है।
सीएम योगी ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास का घेराव कर उनकी सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने की कोशिश की। उनके अनुसार, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी देश के खिलाफ षड्यंत्र कर रही हैं और राजनीतिक स्वार्थ के लिए छात्रों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की पूर्व भर्ती प्रक्रियाओं का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान आयोग में अयोग्य व्यक्ति को अध्यक्ष बनाया गया था और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताएं हुई थीं। योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि उस समय एसडीएम भर्ती में एक विशेष जाति के लोगों को प्राथमिकता दी गई और हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में थर्ड डिवीजन पाने वाले अभ्यर्थियों को भी शीर्ष स्थान दिलाया गया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष आज भी जाति के आधार पर समाज को बांटने और नकारात्मक नैरेटिव तैयार करने की कोशिश कर रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।
सीएम योगी ने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की संवेदनाएं गरीबों के बजाय माफियाओं के लिए रही हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने उत्तर प्रदेश को माफिया, गुंडाराज, अपराध और कर्फ्यू जैसी स्थितियों से बाहर निकाला है। साथ ही आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार जाति, किसानों, युवाओं और छात्रों के नाम पर माहौल खराब करने का प्रयास कर रहा है।