मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार (12 दिसंबर) को बाराबंकी के दौलतपुर ग्राम में प्रगतिशील किसान सम्मेलन और ‘खेती की बात खेत पर’ कार्यक्रम में रबी सत्र की किसान पाठशाला 8.0 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधा संवाद किया और उत्तर प्रदेश की कृषि प्रगति, बहुफसली खेती, और तकनीकी नवाचार पर विस्तृत चर्चा की।
CM योगी ने दिया स्वास्थ्य और लागत कम करने का मंत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धरती माता हमारा पेट भरने के लिए अन्न उत्पन्न करती है, इसलिए उसका स्वास्थ्य भी ठीक रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेशनल विजन ऑफ नेचुरल फार्मिंग अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।
सीएम ने किसान की आमदनी बढ़ाने का पहला मंत्र बताया: लागत कम हो तथा उत्पादन ज्यादा हो। उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसान को समय पर बीज, खाद, सिंचाई और वैज्ञानिक पद्धतियों का सहयोग मिलने से यह संभव है।
कृषि उत्पादन और राष्ट्रीय योगदान का उल्लेख
मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश के कृषि क्षेत्र की प्रगति का उल्लेख किया:
- देश की कुल कृषि योग्य भूमि में यूपी का हिस्सा 11 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय खाद्यान्न आपूर्ति में प्रदेश का योगदान 21 प्रतिशत है।
- कृषि विकास दर को 8.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 17.7 प्रतिशत तक पहुंचाया गया है।
- गेहूं उत्पादन में 35 प्रतिशत योगदान उत्तर प्रदेश का है।
- कुल राष्ट्रीय खाद्यान उत्पादन में यूपी का योगदान 21 प्रतिशत है।
- देश के कुल गन्ना उत्पादन का 55 प्रतिशत अकेले उत्तर प्रदेश का है।
- फल-सब्जियों के उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश देश में पहले पायदान पर है।
गन्ना भुगतान और पारदर्शी व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में एमएसपी (MSP) का भुगतान सीधे किसानों को मिल रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।
- गन्ने की एमएसपी ₹400 हमने तय की है।
- पिछले 8 वर्षों में ₹2 लाख 92 हजार करोड़ से अधिक मूल्य का गन्ना भुगतान किसानों को किया है।
- एथेनॉल उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में पहले पायदान पर है, उत्पादन 41 करोड़ से बढ़कर 182 करोड़ लीटर हो गया है।
तकनीकी और अवसंरचना विकास
- सिंचाई: हर खेत को पानी, माइक्रो इरीगेशन और सौर पंप को गति दी गई है।
- तकनीकी नवाचार: ड्रोन डोजिंग, खरपतवार नियंत्रण, स्वॉइल टेस्टिंग और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- कनेक्टिविटी: एक्सप्रेसवे और लॉजिस्टिक्स पार्कों के माध्यम से किसानों की उपज अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक आसानी से पहुंच रही है।
- किसान सम्मान निधि: उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 2.86 करोड़ किसान किसान सम्मान निधि का लाभ उठा रहे हैं।
- सीड पार्क: भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के नाम पर लखनऊ में सीड पार्क की स्थापना की जा रही है।
बाराबंकी बना मॉडल जनपद
कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि यह पहला अवसर है जब प्रदेश के मुख्यमंत्री किसान के खेत पर किसानों की खेती के विषय में बात करने आए हैं। उन्होंने कहा कि दौलतपुर गांव में किसान केला, आलू, टमाटर, सरसों, गन्ना और गेहूं सहित विभिन्न फसलों की खेती कर रहे हैं। शाही ने कहा कि बाराबंकी एक मॉडल जनपद के रूप में उभर रहा है।
पद्मश्री रामशरण वर्मा ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अक्सर लघु और सीमांत किसानों को प्रदेश का असली सोना बताते हैं। उन्होंने किसानों से बाजार की मांग के अनुरूप खेती पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फीता काटकर किसान पाठशाला के आठवें संस्करण का शुभारंभ किया और प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया।