उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाराबंकी दौरे के दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विपक्षी दलों पर सनातन परंपरा और देश की सांस्कृतिक विरासत के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सनातन पर खतरा आया, तो उसका असर सभी पर पड़ेगा।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और समाज की सुरक्षा के लिए सनातन संस्कृति को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कहा, “अगर सनातन पर खतरा आएगा तो कोई बच नहीं पाएगा.”
पूर्ववर्ती सरकारों पर लगाए भेदभाव के आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पूर्ववर्ती सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले सरकारी धन का उपयोग कब्रिस्तानों की चहारदीवारी बनाने में किया जाता था, जबकि महादेवा और अयोध्या जैसे धार्मिक और आस्था के केंद्रों के विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि विपक्षी दल पर्व-त्योहारों पर प्रतिबंध लगाने की मानसिकता रखते थे, जबकि कब्रिस्तान की चहारदीवारी को धर्मनिरपेक्षता का प्रतीक मानते थे। मुख्यमंत्री ने कहा, “ऐसी धर्मनिरपेक्षता को उखाड़ फेंककर सनातन की मजबूत नींव पर सुरक्षित भारत का निर्माण करना होगा.”
कानून व्यवस्था और निवेश का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और राज्य निवेश का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि आज लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है, बेटियां और व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं तथा प्रदेश में बड़े स्तर पर निवेश आ रहा है।
उन्होंने कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख दोहराते हुए कहा, “कोई उपद्रव करेगा तो उसके लिए सिर्फ दो जगह हैं- जेल या जहन्नुम.”
लोधेश्वर महादेव मंदिर और केडी सिंह बाबू की हवेली का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बाराबंकी स्थित लोधेश्वर महादेव मंदिर के विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मंदिर क्षेत्र का तेजी से विकास किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
इसके साथ ही उन्होंने हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी बाबू केडी सिंह की हवेली के संरक्षण का भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार इसे बिकने नहीं देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इसके लिए आवश्यक भुगतान करेगी और बाबू केडी सिंह की विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।