समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार, 31 अगस्त को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान योगी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। जिलाध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों, बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और मतदाता सूची को लेकर अपनी रणनीति साझा की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस विभाग में PDA वर्ग के लोगों के साथ भेदभाव हो रहा है और समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर ऐसे मामलों की जांच कराई जाएगी।
बूथ स्तर तक सपा को ले जाने की तैयारी, PDA सरकार का लक्ष्य
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अब संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि पार्टी का बूथ स्तर का अभियान मंगलवार से शुरू होगा। सपा प्रमुख ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अगले दो सप्ताह में प्रदेश में हो रहे कथित अत्याचारों की पूरी तस्वीर जनता के सामने रखने के निर्देश दिए हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्य प्रदेश में PDA की सरकार बनाना है। उन्होंने संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने की बात कही।
SIR के बाद अब SAR की साजिश का दावा
मतदाता सूची के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि SIR के बाद अब SAR की साजिश की बात सुनने को मिल रही है। सपा प्रमुख ने दावा किया कि चुनाव से पहले एक बार फिर मतदाता सूची का रिविजन कराया जा सकता है और इसके जरिए कुछ लोगों के वोटों को एडजस्ट करने की कोशिश की जा सकती है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ से जुड़े लोगों के वोट बढ़ाने की चर्चा सुनने में आ रही है। अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची को लेकर सतर्क रहने और इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की।
‘STF यानी स्वजातीय टॉर्चर फोर्स’, अखिलेश का तंज
उत्तर प्रदेश STF को लेकर भी अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने STF पर तंज कसते हुए इसे ‘स्वजातीय टॉर्चर फोर्स’ बताया। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि PDA समाज के लोगों का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है और पुलिस विभाग में भी PDA वर्ग के कर्मचारियों के साथ अन्याय हो रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि PDA वर्ग से जुड़े पुलिसकर्मियों को फील्ड पोस्टिंग नहीं दी जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इमरजेंसी की स्थिति में छुट्टी लेने के लिए भी उन्हें परेशान होना पड़ता है। सपा प्रमुख ने कहा कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर इन मामलों की जांच कराई जाएगी।
बदायूं कस्टोडियल डेथ का मुद्दा उठाया
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने बदायूं में एक दलित युवक की कथित थाने में मौत का मामला भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस इस मौत को कार्डियक अरेस्ट बता रही है। सपा प्रमुख ने कहा कि प्रदेश में कई घटनाओं में पुलिस की ओर से इसी तरह की वजह बताई जाती है।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश कस्टोडियल डेथ के मामलों में नंबर-1 की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने पुलिस और थाने की ओर से बताई जाने वाली कहानी में विरोधाभास होने का भी आरोप लगाया। इस दौरान उन्होंने वाराणसी की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि PDA से जुड़े लोगों के साथ होने वाली घटनाओं की पीड़ा मीडिया में भी उतनी प्रमुखता से सामने नहीं आती।
जाति देखकर फर्जी एनकाउंटर का लगाया आरोप
अखिलेश यादव ने प्रदेश में कथित फर्जी एनकाउंटर को लेकर भी योगी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में जाति देखकर फर्जी एनकाउंटर किए जा रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ‘हवाई चप्पल में भी एनकाउंटर’ हो रहे हैं।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि STF में भी PDA वर्ग से जुड़े लोगों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने पुलिस विभाग में PDA कर्मचारियों की कथित स्थिति को लेकर सरकार से सवाल उठाते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद समाजवादी पार्टी इन मामलों की जांच कराएगी।
AI वीडियो पर अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को दी नसीहत
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर उनके और उनकी पत्नी डिंपल यादव को लेकर बनाए जा रहे AI वीडियो का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आजकल AI की मदद से बड़ी संख्या में वीडियो बनाए जा रहे हैं। सपा प्रमुख ने दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से इस तरह के वीडियो नहीं बनाने को कहा है।
अखिलेश यादव ने कहा, “मैंने अपने कार्यकर्ता को कहा, आप मत बनाना ऐसा, लेकिन देखा कि उनके लोग लगातार बना रहे हैं.”
इस तरह लखनऊ की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ-साथ PDA, पुलिस विभाग, STF, मतदाता सूची, कथित कस्टोडियल डेथ और AI वीडियो जैसे कई मुद्दों पर योगी सरकार को घेरा। उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और जनता के बीच सरकार के खिलाफ कथित मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की रणनीति पर जोर दिया।