केंद्रीय मंत्री और एलजेपी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने बिहार की राजनीति और मुख्यमंत्री पद को लेकर अपनी राय खुलकर सामने रखी है। जब उनसे पूछा गया कि बिहार में बीजेपी की ज्यादा सीटें होने के बावजूद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री क्यों हैं, तो चिराग पासवान ने इसका सीधा जवाब अनुभव को बताया।
अगले 5 साल बिहार के लिए महत्वपूर्ण: चिराग पासवान
चिराग पासवान ने कहा कि, “जो अगले पांच साल हैं वो बिहार के लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। वो इसे गोल्डन एरा (स्वर्णिम युग) के रूप में मानते हैं।” उन्होंने कहा कि अगले पांच सालों में बिहार में आपको वो बदलाव दिखेंगे जो संभवत: दो दशक में हम लोग उम्मीद कर रहे थे।
केंद्रीय मंत्री ने नीतीश कुमार का समर्थन करते हुए कहा:
“मैं ये मानता हूं कि अगले पांच साल उस अनुभव का होना जरूरी है जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास है। बिहार आसान राज्य नहीं है। बिहार में जरूरी है कि आप उस अनुभव के साथ आएं। डबल इंजन का फायदा तब उठा पाएंगे जब आपके पास अनुभव होगा।”
नीतीश कुमार की सेहत पर अफवाहों को किया खारिज
बिहार के सीएम नीतीश कुमार की सेहत को लेकर चल रही अफवाहों पर चिराग पासवान ने कहा कि ये सिर्फ अफवाहें हैं। उन्होंने कहा कि, “किसी को नीतियों पर जब आप नहीं कोस पाते तो फिर आप व्यक्तिगत प्रहार करने लगते हैं।”
उन्होंने अपने साथ हुई घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि, “जब मेरी पार्टी टूटी थी तो मेरे साथ भी यही हुआ था। व्यक्तिगत प्रहार होने लगे कि अहंकारी है और घमंडी है। यही मुख्यमंत्री के साथ भी हुआ।” चिराग ने कहा कि आज की तारीख में मुख्यमंत्री जितने एक्टिव हैं, उसका लाभ हम लोगों को मिला।
तेजस्वी यादव पर हमला: ‘जंगलराज की छवि से बाहर नहीं निकल पाए’
तेजस्वी यादव और RJD पर हमला करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि, “आप जंगलराज की छवि से अभी भी खुद को बाहर नहीं निकाल पाए।”
उन्होंने तेजस्वी के MY (मुस्लिम-यादव) समीकरण पर निशाना साधा और कहा कि, “मेरा भी MY समीकरण रहा है लेकिन मेरे समीकरण में M में महिला और Y में युवा हैं। मैं उनकी बात करता हूं।” चिराग ने दावा किया कि 2010 में ही आरजेडी बिहार से समाप्त हो चुकी थी, 2015 में नीतीश कुमार के साथ की वजह से उन्हें जीवनदान मिला और 2020 में उनकी (चिराग की) वजह से RJD को जीवनदान मिला।
2030 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे
बिहार चुनाव न लड़ने के सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि, “सीट शेयरिंग में देर हो गई। मेरे पास वो समय ही नहीं था कि मैं अपने चुनाव की तैयारी कर सकूं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सक्रिय भूमिका में बिहार में रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “मैं मुख्यमंत्री बनूंगा तभी बिहार जाऊंगा ऐसी मेरी कतई सोच नहीं है। मैं विधायक बनकर भी व्यवस्था का हिस्सा बन जाऊं, इसी सोच के साथ मैंने कहा कि मैं 2030 का विधानसभा चुनाव लड़ूंगा।”