राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण संबंधी बयान पर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरक्षण, जातिगत जनगणना और मंडल आयोग जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कई सवाल उठाए। साथ ही समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा पहले लगाए गए आरोपों का भी उल्लेख किया।
जातिगत जनगणना और पूर्व मुख्यमंत्री आवास को लेकर उठाए सवाल
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि आखिर जातिगत जनगणना कब कराई जाएगी। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के सरकारी आवास से जुड़े उस पुराने विवाद का भी जिक्र किया, जिसमें समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव यह आरोप लगाते रहे हैं कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद नए मुख्यमंत्री के पदभार संभालने से पहले मुख्यमंत्री आवास को गंगाजल से धुलवाया गया था।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “पुराने सीएम की कुर्सी को गंगा जल से क्यों धुलवाया था? क्या वो सक्षम नहीं थे?” साथ ही उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई अभी लंबी है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री आवास को गंगाजल से धुलवाने के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से कभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
‘मंडल के जवाब में कमंडल की राजनीति शुरू हुई’
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वर्ष 1990 में जब मंडल आयोग की सिफारिशें लागू की गईं, उसी समय कमंडल की राजनीति की शुरुआत हुई। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कमंडल यात्रा किसने शुरू की और आरोप लगाया कि जब लोगों ने अपने अधिकारों की मांग उठाई तो उनके सामने धर्म का मुद्दा खड़ा कर दिया गया।
मंडल आयोग और EWS आरक्षण पर भी सरकार को घेरा
नगीना सांसद ने दावा किया कि अब तक मंडल आयोग की एक प्रतिशत सिफारिश भी पूरी तरह लागू नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मंडल आयोग की सभी सिफारिशों को पूरी तरह लागू किया जाए, अन्यथा सत्ता छोड़ दे।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) आरक्षण का उल्लेख करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जो लोग आरक्षण व्यवस्था का विरोध करते हैं, वे स्वयं इसका लाभ क्यों लेते हैं और फिर उसी आरक्षण की आलोचना क्यों करते हैं।