होली-जुमा विवाद पर भाजपा ने विपक्ष पर लगाया राजनीति का आरोप, थरूर बोले ‘मिल जुलकर पर्व मनाने में दिक्कत कैसी’

संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की कार्यवाही बुधवार को भी जारी है। इस बीच भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति और होली-जुमा विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष सिर्फ हिंदू-मुसलमान करता है।

भाजपा के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “एनईपी (राष्ट्रीय शिक्षा नीति) पर हंगामा करने वाले लोग दिशाहीन हैं और जनता का समर्थन भी खो रहे हैं। वे विकास लाने में विफल रहे हैं और अब अरविंद केजरीवाल की तरह उन्हें लगता है कि चिल्लाने से उन्हें मदद मिलेगी। उन्होंने देखा कि विकास की कमी के कारण अरविंद केजरीवाल हार गए, इसलिए वे लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। जब चुनाव का समय आता है तो वे सिर्फ हिंदू और मुसलमान करते हैं। भारत में तमिल का विस्तार हो रहा है, ये बस विरोध करते हैं।”

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “नफरत की राजनीति तो वे (अखिलेश यादव) ही कर रहे हैं। वे कभी हिंदू-मुसलमान के नाम पर बांटते हैं तो कभी होली और ईद के बीच विवाद पैदा करते हैं। ये सारे मुद्दे इसलिए उठा रहे हैं, क्योंकि रामपुर, कुंदरकी, मिल्कीपुर और मीरापुर में मुस्लिम समाज भारी मात्रा में भाजपा की तरफ आया है। इनका जनाधार खिसक रहा है, इसलिए वे ऐसी बातें कर रहे हैं।”

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के होली पर दिए गए बयान पर आरएलडी सांसद राजकुमार सांगवान ने कहा, “हमारा देश प्रेम और सद्भाव का देश है, जहां सभी जाति और धर्म के लोग एक साथ रहते हैं और एकता और खुशी के साथ त्योहार मनाते हैं। ऐसे मुद्दे उठाने वाले देश में अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें ऐसी हरकतों से बचना चाहिए और देश को प्रेम और शांति का देश बना रहने देना चाहिए।”

कांग्रेस सांसद शशि थरुर ने होली-जुमा विवाद पर कहा, “हमारे देश में विविधताएं हैं। मैं मानता हूं कि होली और रमजान एक साथ हो जाएं और शांतिपूर्वक दोनों समुदाय के लोग अपने पर्व को मनाएं, ताकि किसी को कोई दिक्कत न हो।”

औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग पर शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “जिस औरंगजेब ने हिंदुस्तान के खिलाफ काम किया, हजारों हिंदू मंदिरों को नष्ट किया और महिलाओं पर अत्याचार किया, साथ ही गांवों को लूटा। ऐसे लोगों को सम्मानित करके वे हमारे देशभक्तों का अपमान कर रहे हैं।”

पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, “हिंदी थोपने की कोई जरूरत नहीं है। इसे क्यों थोपा जाना चाहिए? सीखना है तो सीखो, नहीं तो मत सीखो। त्रिभाषा फॉर्मूला है। हम कह रहे हैं कि 5वीं कक्षा तक छात्रों को मातृभाषा में पढ़ाओ। विपक्ष के लोग तमिलनाडु के बच्चों को बेवकूफ समझते हैं, इसलिए वे ऐसे बयान दे रहे हैं।”

टीएमसी की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने कहा, “मंगलवार को अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर मतदाता पहचान पत्र कार्डों की व्यापक नकल और मतदाता सूची पर इसके प्रभाव के बारे में चिंता व्यक्त की थी। चुनाव आयोग ने उन्हें आश्वासन दिया कि तीन महीने के भीतर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, चुनाव आयोग ने डुप्लिकेट एपिक कार्डों की संख्या या मतदाता पहचान पत्र कार्डों की कुल संख्या का खुलासा नहीं किया है।”

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