
चंपई सोरेन रांची में
पूर्व सीएम चंपई सोरेन केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा और झारखंड बीजेपी अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुए. आपको बता दें कि इससे पहले चंपई सोरेन ने अलग पार्टी बनाने का ऐलान किया था.
कोल्हान की 14 सीटें प्रभावित होंगी
झामुमो में शिबू सोरेन के बाद चंपई सोरेन सबसे वरिष्ठ आदिवासी नेता थे. उनका कद इतना बड़ा था कि हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद चंपई सोरेन को सीएम बनाया गया. उनका निर्वाचन क्षेत्र सरायकेला है और उन्हें कोल्हान का टाइगर भी कहा जाता है. ऐसे में चंपई सोरेन के आने से कोल्हान की उन 14 सीटों पर बीजेपी को मजबूती मिलेगी, जहां पिछली बार पार्टी का खाता नहीं खुला था.
क्यों नाराज हुए चंपई सोरेन?
गौरतलब है कि हाल ही में चंपई सोरेन ने झामुमो से बगावत कर दी थी. उन्होंने अपने पूर्व के बायो से जेएमएम का नाम हटा दिया. उन्होंने पार्टी और सीएम हेमंत सोरेन पर अपमान का आरोप लगाया. वह सीएम पद से हटाए जाने से नाराज थे. पार्टी से नाता तोड़ने से पहले भी चंपई सोरेन ने कहा था कि उनके पास तीन विकल्प हैं- पहला राजनीति से संन्यास ले लें, दूसरा अपना अलग संगठन खड़ा कर लें और तीसरा ऐसे में अगर कोई उनके साथ आएगा तो चला जाएगा. इसके साथ आगे इसके तहत चंपई सोरेन ने तीसरा विकल्प अपनाते हुए बीजेपी का दामन थाम लिया.