
उत्तर प्रदेश विधानसभा के उपचुनाव में धांधली की आशंका जताते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कितना भी शासकीय प्रशासकीय नाटक कर ले मगर वह अपनी हार को रोक नहीं पाएगी।
अखिलेश ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि जब उपचुनावों में भी भाजपा को हराने के लिए जनता फ़ील्ड में उतर चुकी है तो भाजपा कुछ अधिकारियों को हटाने का कितना भी शासकीय-प्रशासकीय नाटक कर ले, कोई उनको पराजय से रोक नहीं सकता। देखना ये भी है कि इनकी जगह जो अफ़सर आएंगे, उनकी निष्पक्षता पर मोहर कौन लगाएगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा उपचुनावों में अपनी 10/10 की हार के अपमान से बचने के बहाने ना ढूँढे। अगर भाजपा जन-विरोधी नहीं होती तो आज ये दिन नहीं देखने पड़ते। महंगाई, बेरोज़गारी, बेकारी, पुलिस भर्ती, नीट परीक्षा, महिला-सुरक्षा, संविधान और आरक्षण की रक्षा, नज़ूल भूमि जैसे मुद्दों से लड़ने के लिए भाजपा कब और किसे नियुक्त करेगी।
सपा प्रमुख ने कहा कि कुछ विशेष अधिकारियों को चुनावी जिम्मेदारी से हटाने की बात कहकर, भाजपाइयों ने ये बात स्वीकार कर ली है कि उनकी सरकार में शायद कुछ चुनावी घपले अधिकारियों के स्तर पर होते हैं। ये भाजपा की अपनी सरकार के साथ-ही-साथ चुनाव आयोग के ऊपर भी चुनाव आयोग स्वत: संज्ञान ले।
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का नाम लिये बगैर निशाना साधते हुये कहा कि और आपसी ‘खटपट’ का क्या अंदरूनी बात दब गयी या दबा दी गयी, ख़त्म हुई रार-तकरार या झूठी मुस्कानों से ढकी है दरार कई हैं सवाल।
गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में विधायकों के सांसद नर्विाचित होने के बाद उत्तर प्रदेश में दस सीटों पर उपचुनाव होने हैं जिसके लिये भाजपा और सपा समेत अन्य दलों ने अपनी तैयारी तेज कर दी है।