पूर्व IAS अफसर पांडियन नहीं हमारे उत्तराधिकारी, BJP के आरोपों पर नवीन पटनायक का पलटवार

ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने भाजपा के उन आरोपों को हास्यास्पद करार दिया है, जिसमें कहा गया था कि पूर्व IAS अधिकारी और मुख्यमंत्री के करीबी वीके पांडियन उनके गेटकीपर हैं और वही वास्तविकता में राज्य के शासन तंत्र को कंट्रोल करते हैं।समाचार एजेंसी ANI को दिए एक इंटरव्यू में नवीन पटानयक ने कहा कि यह भाजपा का पुराना आरोप है और इसमें कोई दम नहीं है। यह पूरी तरह से हास्यास्पद है। पटनायक ने यह भी कहा कि पांडियन उनके उत्तराधिकारी नहीं हैं।

जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके करीबी सहयोगी वीके पांडियन द्वारपाल के रूप में काम करते हैं और क्या वे उनकी ओर से सभी निर्णय लेते हैं, तो पटनायक ने कहा, “यह हास्यास्पद है और मैंने पहले भी कई बार ऐसा कहा है। यह एक पुराना आरोप है और इसका कोई महत्व नहीं है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या किसी भी भाजपा नेता का नाम लिए बिना उन पर पलटवार करते हुए पटनायक ने कहा कि इस तरह के आरोप ओडिशा और राष्ट्रीय स्तर पर उनकी घटती लोकप्रियता और बढ़ती हताशा का इशारा है। उन्होंने कहा, “मैं देख रहा हूं कि वे दिन-ब दिन अधिक हताश होते जा रहे हैं। खासकर जब देशभर में उनकी लोकप्रियता कम हो रही है।”

जब उनसे पार्टी के भावी नेतृत्व के बारे में पूछा गया तो पटनायक ने कहा कि बीजू जनता दल (BJD) का पूरा फोकस ओडिशा के लोगों की सेवा करने पर केंद्रित है। ओडिशा के सीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का भविष्य और उनके उत्तराधिकारी का सवाल जनता तय करेगी। नवीन पटनायक ने कहा, “मैंने बार-बार कहा है कि उत्तराधिकारी का फैसला राज्य की जनता करेगी।”

2000 बैच के IAS अधिकारी रहे वीके पांडियन कुछ महीने पहले तक मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के निजी सचिव थे। भाजपा ने उनपर “राज्य को नियंत्रित करने” के आरोप लगाए हैं। नवीन पटनायक के चुनावी भाषण का एक वीडियो पोस्ट करते हुए भाजपा नेता और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने दावा किया था कि वीके पांडियन ओडिशा के सीएम के हाथों की हरकतों को नियंत्रित करते दिख रहे हैं।

इससे पहले, ओडिशा के संबलपुर लोकसभा क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ रहे केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आरोप लगाया था कि पांडियन की अनुमति के बिना पटनायक की सरकार में एक पत्ता भी नहीं हिल सकता। प्रधान ने कहा था, “मेरी जानकारी के अनुसार, नवीन निवास में एक व्यक्ति (वीके पांडियन) को छोड़कर किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं है। उनकी मर्जी के बिना वहां एक पत्ता भी नहीं हिल सकता। उनके कमरे में न तो कोई टेलीफोन है और न ही उनके कमरे में कोई उड़िया चैनल है। मैं जिम्मेदारी के साथ कहता हूं कि नवीन निवास के उडिया कर्मचारी खुद कह रहे हैं कि ओडिशा के मुख्यमंत्री की क्या हालत कर दी गई है।”

इस बीच, पटनायक ने भरोसा जताया है कि उनकी पार्टी बीजद राज्य में छठी बार सत्ता में लौट रही है राज्य की 21 लोकसभा सीटों में से अधिकांश पर जीत दर्ज करने जा रही है। बता दें कि ओडिशा में विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ चार चरणों में 13 मई से 1 जून तक हो रहे हैं। मतगणना 4 जून को होगी। 77 वर्षीय नवीन पटनायक 2000 से लगातार ओडिशा के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं और किसी भी भारतीय राज्य के दूसरे सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले सीएम हैं। वह राज्य की सत्ता में रिकॉर्ड छठी बार आने की कोशिश कर रहे हैं।

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