
बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। उन्होने कहा कि पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होने दरभंगा में एम्स खोला है। लेकिन ये सफेद झूठ है, उन्होने एम्स खुलवाने नहीं बल्कि रूकवाने का काम किया है।और इसके लिए बीजेपी के राजनीतिक दबाव को वजह बताया है। साथ ही तेजस्वी ने ट्वीट के जरिए वो चिट्ठी भी शेयर की है जो उन्होने दरभंगा एम्स के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखी थी।
तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा कि आज प्रधानमंत्री जी दरभंगा में AIIMS खुलवाने का झूठा श्रेय ले रहे थे। वस्तुस्थिति ये है कि बिहार सरकार ने निःशुल्क 151 एकड़ ज़मीन केंद्र को इसकी स्थापना के लिए दिया है और साथ ही 250 करोड़ से अधिक मिट्टी भराई के लिए आवंटित किया लेकिन दुर्भाग्यवश राजनीति करते हुए केंद्र ने प्रस्तावित AIIMS के निर्माण को स्वीकृति नहीं दी। प्रधानमंत्री से देश कम से कम सत्य और तथ्य की अपेक्षा करता है लेकिन उन्होंने सफ़ेद झूठ बोला।तेजस्वी ने कहा कि जून माह में हमने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जी से दूरभाष पर वार्ता कर, इसकी स्वीकृति देकर निर्माण कराने का आग्रह किया और आशान्वित होकर चिट्ठी भी लिखा लेकिन आजतक कोई सकारात्मक कारवाई नहीं हुई है। आज पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने दरभंगा में AIIMS खुलवाने का काम किया है, यह सरासर झूठ है। मैं पीएम से अपील करता हूं कि पहले इसके बारे में जानकारी लें और फिर बोलें। आप इस देश के प्रधानमंत्री हैं और आपको झूठ बोलना शोभा नहीं देता है।
तेजस्वी ने बताया कि दरभंगा में कोई AIIMS नहीं खोला गया है। सीएम नीतीश कुमार का प्रयास है कि दरभंगा में AIIMS खुले और इसके लिए कैबिनेट से 151 एकड़ भूमि नि:शुल्क पास करवाकर AIIMS दरभंगा के लिए दी गई थी लेकिन भाजपा के राजनीतिक दबाव से यह स्वीकृत नहीं हुआ। इन्होंने खुलवाने का नहीं बल्कि रूकवाने का काम किया है। दरभंगा एम्स को लेकर केंद्र और बिहार सरकार के बीच काफी लंबे वक्त से तनातनी चली आ रही है। और आरोप-प्रत्यारोप लगते रहे हैं। और अब एक बार फिर दरभंगा एम्स को लेकर सियासत तेज हो गई है।