Bengal SIR पर EC का सुप्रीम कोर्ट में बड़ा दावा, 37 लाख से ज्यादा अपीलें लंबित; चुनाव नतीजों पर नहीं पड़ा असर?

पश्चिम बंगाल में Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में अहम जानकारी दी है। आयोग ने बताया है कि SIR ट्रिब्यूनल के सामने अभी भी 37 लाख से ज्यादा अपीलें लंबित हैं। साथ ही आयोग ने आंकड़ों के आधार पर दावा किया है कि इन लंबित अपीलों का चुनाव परिणामों पर असर नहीं पड़ा है। यह जानकारी TMC सांसद डेरेक ओब्रायन की उस याचिका के जवाब में दी गई है, जिसमें 31 विधानसभा सीटों पर दोबारा चुनाव कराने की मांग की गई है।

डेरेक ओब्रायन ने दलील दी थी कि 31 सीटों पर चुनाव जीतने का अंतर SIR के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों की संख्या से कम है। इसके जवाब में चुनाव आयोग ने कहा है कि ओब्रायन केवल उन सीटों की बात कर रहे हैं, जहां उनकी पार्टी को हार मिली। आयोग ने कहा कि TMC ने ऐसी 21 सीटों पर भी जीत दर्ज की है, जहां मतदाता सूची से हटाए गए लोगों की संख्या जीत के अंतर से ज्यादा थी।

38 लाख 31 हजार से ज्यादा अपीलें हुईं दाखिल

चुनाव आयोग ने बताया है कि अपील ट्रिब्यूनल के सामने करीब 38 लाख 31 हजार अपीलें दाखिल की गई थीं। इनमें 22 लाख 21 हजार अपीलें ऐसे लोगों की हैं, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे। वहीं, 16 लाख 10 हजार अपीलें ऐसी हैं, जिनमें मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने का विरोध किया गया है। यानी इन 16 लाख 10 हजार लोगों ने इस चुनाव में वोट डाला है।

आयोग ने कहा है कि SIR के दौरान मतदाता सूची से 1.22 करोड़ नाम हटाए जाने की काफी चर्चा हुई, लेकिन इस तथ्य को नजरअंदाज किया जाता है कि हटाए गए ज्यादातर नाम मृत, डुप्लीकेट, स्थानांतरित या अनुपस्थित मतदाताओं की श्रेणी में थे। आयोग के अनुसार, इसी वजह से अपील ट्रिब्यूनल के सामने 22 लाख 21 हजार लोग ही पहुंचे हैं।

जिलेवार आंकड़ों की बात करें तो मुर्शिदाबाद से सबसे ज्यादा 7 लाख 48 हजार अपीलें दाखिल हुई हैं। इसके बाद मालदा का नंबर है, जहां से 5,31,617 अपीलें सामने आई हैं।

लंबित अपीलों को जल्द निपटाने की तैयारी

चुनाव आयोग ने लंबित अपीलों के जल्द निपटारे के लिए ट्रिब्यूनलों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। आयोग का सुझाव है कि राज्य की 42 लोकसभा सीटों के बराबर 42 अपील ट्रिब्यूनल बनाए जाएं।

आयोग ने यह भी कहा है कि उसके सॉफ्टवेयर की मदद से अपीलों की सुनवाई कर रहे पूर्व जज अपने घर से भी सुनवाई कर सकते हैं। इससे लंबित मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिलने की बात कही गई है।

31 सीटों पर दोबारा चुनाव की मांग पर EC का जवाब

31 विधानसभा सीटों पर चुनाव रद्द करने और दोबारा चुनाव कराने की मांग को चुनाव आयोग ने संवैधानिक दृष्टि से गलत बताया है। आयोग ने कहा है कि अगर किसी व्यक्ति को किसी सीट के चुनाव परिणाम पर आपत्ति है तो संविधान के अनुच्छेद 329(b) में इसका प्रावधान मौजूद है।

आयोग के अनुसार, इस अनुच्छेद के तहत हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की जा सकती है। आयोग ने कहा है कि सीधे सुप्रीम कोर्ट से चुनाव रद्द करने की मांग करना असंवैधानिक है।

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