बसपा के वोटों पर भाजपा की नजर? दलितों में पैठ बढ़ाने को BJP ने बनाया बस्ती प्लान

हले खतौली और फिर मैनपुरी व घोसी में दलितों का वोट न मिलने से भाजपा नेतृत्व चिंतित है। संघ भी इसे गंभीरता से ले रहा है। चिंता यह है कि तीनों ही जगह बसपा के मैदान में न होने के बाद भी पार्टी को दलितों के अपेक्षित वोट नहीं मिल सके।

ऐसे में दलितों में पैठ बढ़ाने को भाजपा ने बस्ती प्लान तैयार किया है। प्रदेश भर में 26 सितंबर से शुरू होने वाला यह बस्ती संपर्क एवं संवाद अभियान घोषित तौर पर तो दो अक्तूबर तक है। मगर पार्टी अब इसे दिसंबर तक लगातार चलाएगी।

यूं तो सामाजिक समरसता प्रकल्प के तहत संघ काफी समय से दलितों के बीच काम कर रहा है। मगर संघ नेतृत्व इस मुहिम को और तेज करना चाहता है। उधर, भाजपा ने ‘बस्ती संपर्क एवं संवाद अभियान’ के जरिए दलितों के बीच पहुंचने की योजना तैयार की है। इसकी अगुवाई भाजपा अनुसूचित मोर्चा को सौंपी गई है। अनुसूचित मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र कनौजिया के नेतृत्व में अभियान के लिए मोर्चे की जिला स्तर पर टोलियां बनाई जा रही हैं। इसके अलावा महत्व और जरूरत के हिसाब से इन बस्तियों में भेजे जाने के लिए सांसद-विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों की सूची तैयार की जा रही है। अभियान को लेकर बीते दिवस भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने समीक्षा भी की।

फीडबैक के आधार पर बनेगी रणनीति

मोर्चे की टोलियों के साथ पार्टी के सांसद-विधायक व अन्य जनप्रतिनिधि दलित बस्तियों में जाएंगे। उन लोगों से बातचीत करेंगे। उनके मन में यदि कोई गलतफहमी है तो उसे दूर करेंगे। केंद्र और प्रदेश सरकार की दलितों व गरीबों के लिए चलाई गई योजनाओं का ब्योरा बताएंगे। समझाएंगे कि कैसे इन योजनाओं का लाभ सर्वाधिक दलित वर्ग के लोगों को मिला है। पूरा फीडबैक जुटाएंगे। इस फीडबैक की लिखित रिपोर्ट पार्टी को देंगे। इसी आधार पर भाजपा मिशन-2024 के लिए दलित वोट बैंक को लेकर अपनी चुनावी रणनीति तय करेगी।

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