बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बढ़त हासिल कर ली है। चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, उनकी बढ़त ने इस सीट पर मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए चुनौती खड़ी कर दी है।
अब तक सामने आए रुझानों के मुताबिक, जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर को 5,032 वोट (49.08 प्रतिशत) मिले हैं। वहीं बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार 3,870 वोट (37.75 प्रतिशत) के साथ दूसरे स्थान पर हैं। दोनों के बीच फिलहाल 1,162 वोटों का अंतर है, जिसे शुरुआती चरण में महत्वपूर्ण बढ़त माना जा रहा है।
इस सीट पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की उम्मीदवार रेखा कुमारी तीसरे स्थान पर चल रही हैं। उन्हें अब तक 767 वोट (7.48 प्रतिशत) मिले हैं। वहीं राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) के उम्मीदवार तनवीर आलम को 233 वोट (2.27 प्रतिशत) प्राप्त हुए हैं। अन्य उम्मीदवारों का संयुक्त वोट प्रतिशत लगभग 4.5 प्रतिशत के आसपास है।
जन सुराज और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर
शुरुआती रुझानों से संकेत मिल रहे हैं कि बांकीपुर सीट पर मुकाबला मुख्य रूप से जन सुराज पार्टी और बीजेपी के बीच सिमट गया है। दूसरी ओर, आरजेडी फिलहाल इस मुकाबले में काफी पीछे दिखाई दे रही है। हालांकि, ये केवल शुरुआती रुझान हैं और अंतिम नतीजे मतगणना पूरी होने के बाद ही घोषित होंगे।
क्या मिलेगी प्रशांत किशोर को पहली बड़ी चुनावी जीत?
यदि मौजूदा रुझान अंत तक कायम रहते हैं, तो यह प्रशांत किशोर के राजनीतिक जीवन की अब तक की सबसे बड़ी चुनावी सफलता साबित हो सकती है। साथ ही, जन सुराज पार्टी को विधानसभा स्तर पर अपनी पहली बड़ी जीत मिलने का रास्ता भी खुल सकता है, जिससे बिहार की राजनीति में पार्टी को एक मजबूत वैकल्पिक शक्ति के रूप में पहचान मिल सकती है।
वहीं, यदि अंतिम परिणाम भी इन्हीं रुझानों के अनुरूप रहे तो बीजेपी के लिए इसे एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा। दूसरी ओर, आरजेडी के कमजोर प्रदर्शन से इस विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के संगठन और जनाधार को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं।
हालांकि, अंतिम परिणाम आने से पहले यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मतगणना के कितने चरण पूरे हुए हैं, किन क्षेत्रों के मतदान केंद्रों की गिनती शेष है और पोस्टल बैलेट का अंतिम नतीजों पर कितना प्रभाव पड़ता है।