राजस्थान के पुष्कर में आयोजित तीन दिवसीय हनुमान कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक ऐसा बयान दिया है, जिससे सियासी हलचल अचानक तेज हो गई है। मंच से कथा सुनाते हुए उन्होंने हिंदुओं से ‘चार बच्चे पैदा करने’ की खुली अपील की और भारतीय मुसलमानों को उनके हिंदू पूर्वजों की याद दिलाते हुए ‘घर वापसी’ का मुद्दा उठाया। उनके इस बयान पर राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने कड़ा ऐतराज जताते हुए तीखा पलटवार किया है।
धीरेंद्र शास्त्री के बयान की 3 बड़ी बातें:
- ‘जनसंख्या संतुलन के लिए 4 बच्चे जरूरी’: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के ‘तीन बच्चे’ वाले बयान से एक कदम आगे बढ़ते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि देश में एक मजहब की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। जनसंख्या का संतुलन बनाए रखने के लिए हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने चाहिए।
- खुद की शादी पर दिया जवाब: इस बयान पर उठने वाले सवालों का पहले ही जवाब देते हुए शास्त्री ने कहा, “अब लोग कहेंगे कि बाबा आपके कितने बच्चे हैं? तो मैं बता दूं कि जब मैं शादी करूंगा, तो मैं भी इसमें अपना योगदान दूंगा।”
- ‘अजमेर दरगाह जाने की जरूरत नहीं’: हिंदुओं को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह जाने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा, “अपने धर्म में जीना श्रेष्ठ है। हमारे पास करोड़ों देवी-देवता हैं, हमें अपने आराध्य की ही भक्ति करनी चाहिए।”
कांग्रेस नेता टीकाराम जूली का पलटवार
धीरेंद्र शास्त्री के इन बयानों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने सीधा सवाल दागा कि बाबा पहले यह बताएं कि उनके कितने बच्चे हैं? जूली ने नसीहत देते हुए कहा:
- “वह एक धार्मिक व्यक्ति हैं, उन्हें केवल धर्म और अध्यात्म की बात करनी चाहिए, न कि राजनीति की।”
- “समाज में हिंदू-मुस्लिम का भेदभाव पैदा करना उनका काम नहीं है। देश के संविधान ने हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई—सभी को समान अधिकार दिए हैं और सभी बराबर हैं।”