पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए 4 नए लेबर कोड्स को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि ये बदलाव देश के मेहनतकश मजदूरों के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम हैं, जो श्रमिकों के जीवन को सुरक्षित बनाने की गारंटी देते हैं।
चार नए लेबर कोड्स जो लाएंगे बड़ा बदलाव
अनुराग ठाकुर ने शिमला में कहा कि मोदी सरकार का यह निर्णय न केवल श्रम कानूनों को आधुनिक रूप देगा, बल्कि मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता को भी सशक्त करेगा।
भारत सरकार ने श्रम क्षेत्र में ये 4 नई श्रम संहिताओं को लागू करने की घोषणा की है:
- वेतन संहिता (2019)
- औद्योगिक संबंध संहिता (2020)
- सामाजिक सुरक्षा संहिता (2020)
- व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य व कार्य शर्त संहिता (2020)
श्रमिकों के लिए सुरक्षा और सम्मान की गारंटी
अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह महज एक कानूनी बदलाव नहीं है, बल्कि संगठित से लेकर असंगठित और गिग वर्कर्स तक हर कामगार के जीवन को सुरक्षित और सम्मानित बनाने की गारंटी है।
- मूल मकसद: “इसका सीधा मकसद है हर वर्कर को सम्मान, सुरक्षा और समय पर पैसा मिले।”
- नया भारत: उन्होंने कहा, “नए भारत का श्रमिक मजबूर नहीं, मजबूत है और अब हमारे श्रमवीर और ऊर्जा से नए भारत-विकसित भारत निर्माण में अपना योगदान देंगे।”
कर्मचारियों के हितों को रखा गया सबसे ऊपर
ठाकुर ने बताया कि नए श्रम कानूनों में मोदी सरकार ने कर्मचारियों के हितों को सबसे ऊपर रखा है। इनमें कई अतिमहत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं:
- पक्के कर्मचारी जैसा हक, 1 साल में ग्रेच्युटी।
- वेतन की नई परिभाषा, समय पर वेतन।
- ओवरटाइम पर दोगुना पैसा, कानूनी हक।
- लिंग आधारित भेदभाव पूरी तरह खत्म कर ट्रांसजेंडर को भी सम्मिलित करना।
- मुफ्त हेल्थ चेकअप और इंस्पेक्टर राज का खात्मा।
उन्होंने कहा, “मोदी सरकार का प्रयास है कि कार्य स्थल पर मजदूरों का शोषण बंद हो, उन्हें समय पर पैसा मिले और काम की जगह सुरक्षित हो।” साथ ही, कंपनियों को बेवजह की कानूनी उलझनों से आजादी दी गई है ताकि वे अपना बिजनेस आसानी से बढ़ा सकें।