मुख्तार अंसारी के बेटे और भतीजे के बाद अब भतीजी भी चुनावी मैदान में उतरी, क्यों पड़ी जरूरत?

मुख्तार अंसारी के बेटे और भतीजे के बाद भतीजी भी चुनावी राजनीति के मैदान में उतर गई हैं। मुख्तार अंसारी के बड़े भाई अफजाल अंसारी की बेटी नुसरत अंसारी ने गाजीपुर लोकसभा सीट से सोमवार को पर्चा दाखिल कर दिया है।इससे पहले मुख्तार अंसारी का बेटा अब्बास अंसारी और भतीजा सोएब अंसारी पिछले विधानसभा चुनाव में उतरे और दोनों विधायक बने थे। सपा ने अफजाल अंसारी को गाजीपुर से उतारा है। अफजाल ने भी सोमवार को बेटी के साथ ही पर्चा भरा है। नुसरत ने दो सेट में पर्चा भरा है। एक सेट में सपा की तरफ से और एक सेट निर्दल की तरफ से भरा है। अफजाल के अनुसार सपा ने नुसरत को भी सिंबल के लिए फार्म दिया है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार वह सब्सिट्यूट कैंडिडेट हैं। अगर किसी वजह से मेरा नामांकन रद होता है तो नुसरत सपा की प्रत्याशी होंगी। गाजीपुर में फिलहाल कल यानी 14 मई तक नामांकन का समय है।दरअसल गाजीपुर से मौजूदा सांसद और सपा प्रत्याशी अफजाल अंसारी को गाजीपुर की एमपीएमएल कोर्ट ने गैंगस्टर के मामले में चार साल की सजा सुनाई थी। इस सजा के बाद ही उनकी सांसदी चली गई थी। मामला हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो अफजाल को थोड़ी राहत मिली और सजा पर रोक लग गई। वहां से हाईकोर्ट को 30 जून तक मामले का निस्तारण करने का आदेश दिया है।अफजाल के राजनीतिक करियर पर फैसला हाईकोर्ट के आदेश पर ही निर्भर है। संयोग से सोमवार को ही हाईकोर्ट में सुनवाई थी। ऐसे में किसी भी स्थिति से निबटने के लिए अफजाल ने बेटी को भी चुनावी मैदान में उतारने का फैसला कर लिया है। एक तरफ अफजाल के साथ नुसरत ने नामांकन दाखिल किया तो दूसरी तरफ हाईकोर्ट में सुनवाई हुई और मामला 20 मई तक टल गया है।अब माना जा रहा है कि अफजाल अपनी जगह बेटी को ही सपा से सिंबल दिलाकर सांसद बनाने में जुट जाएंगे। वह किसी तरह का रिस्क नहीं लेंगे। पिछले दिनों खुद अफजाल अंसारी ने नुसरत का परिचय पार्टी कार्यालय में सपा और गठबंधन के साथी कांग्रेस नेताओं से कराया था। अफजाल अंसारी ने तब अपने केस का भी जिक्र किया था। उसी समय साफ हो गया था कि अगर अफजाल अंसारी को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलती तो नुसरत ही सपा से प्रत्याशी होंगी। भाजपा ने भी शायद अफजाल की जगह नुसरत को प्रत्याशी मान लिया है। भाजपा प्रत्याशी पारसनाथ राय के नुसरत पर हमले शुरू हो गए हैं।

नुसरत अंसारी ही क्यों
अफजाल अंसारी तीन भाई हैं। सबसे बड़े शिबगतुल्ला अंसारी, दूसरे नंबर पर अफजाल अंसारी और सबसे छोटे मुख्तार अंसारी। सिबगतुल्ला और मुख्तार अंसारी के दो-दो बेटे हैं। जबकि अफजाल अंसारी की तीनों बेटियां हैं। मुख्तार अंसारी की ही सीट मऊ सदर से उनका बेटा अब्बास अंसारी विधायक है। इसी तरह शिबगतुल्ला अंसारी की सीट मोहम्मदाबाद से उनका बेटा सुहैब अंसारी विधायक है। अब अफजाल अंसारी ने दोनों भतीजों की तरह अपनी सीट से बेटी नुसरत को सांसद बनाने के लिए मैदान में उतार दिया है।

तीनों बहनों में सबसे बड़ी नुसरत ने नहीं की शादी
अफजाल अंसारी की तीन बेटियों में नुसरत सबसे बड़ी है। दो छोटी जुड़वा बेटियां नूरिया और मारिया हैं। नूरिया और मारिया की शादी हो चुकी है। नुसरत ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज सोलापुर महाराष्ट्र से नुसरत ने रूरल डेवलपमेंट में एमए किया है। अपने यूनिवर्सिटी में टॉपर और गोल्ड मेडलिस्ट भी रही हैं। इन दिनों वह सिविल सेवा की तैयारी कर रही थीं। कहा जाता है कि चाचा मुख्तार अंसारी के अचानक निधन और पिता के साथ परिवार को लेकर आई खबरों ने उन्हें विचलित किया तो गाजीपुर आ गईं।

शिव मंदिर की फोटो से चर्चा में आईं नुसरत, भाजपा ने साधा निशाना
पिछले दिनों नुसरत शिव मंदिर में पूजा करते हुए चर्चा में आई थीं। इसे लेकर गाजीपुर से भाजपा प्रत्याशी पारसनाथ राय के निशाने पर भी आ गईं। नुसरत का बिना नाम लिए ही पारस नाथ ने उनके शिवलिंग पर मत्था टेकने, शिवचर्चा कीर्तन में जाने को लेकर तंज कसा था। पारसनाथ ने कहा था कि मेरे सामने जो चुनाव लड़ रहे हैं (अफजाल अंसारी) के घर की कोई महिला भगवान शिव के मस्तक पर जल चढ़ा रही हैं। अरे यह क्या नाटक हो रहा है। जल चढ़ाने से पहले भगवान श्रीराम के मंदिर में जाकर पूजा करनी चाहिए। आप लोग भी यहीं के हैं। श्रीराम आपके भी आराध्य हैं।

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