
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ गौतमबुद्धनगर की अदालत में चल रहे आईपीसी और महामारी अधिनियम के मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगा दी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति राजबीर सिंह ने अखिलेश यादव की ओर से दाखिल याचिका पर एडवोकेट इमरान उल्लाह, मोहम्मद खालिद, विनीत विक्रम व सैयद अजीमुद्दीन और राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता को सुनकर दिया है।
मामले के तथ्यों के अनुसार 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान गौतम बुद्धनगर के दादरी थाने में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी और 300 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ आईपीसी की धारा 188, 269, 270 और महामारी अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने विवेचना के बाद अखिलेश यादव, जयंत चौधरी व अन्य के खिलाफ गौतम बुद्ध नगर की स्पेशल कोर्ट एमपी/एमएलए चार्जशीट दाखिल की।
अधीनस्थ अदालत ने इस चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए जिसपर अखिलेश यादव सहित अन्य आरोपियों को तलब किया था। अखिलेश यादव की ओर से दाखिल याचिका में इस तलबी आदेश की वैधानिकता को चुनौती दी गई है। कोर्ट ने अखिलेश यादव के अधिवक्ता इमरान उल्लाह, मोहम्मद खालिद, विनीत विक्रम सैयद अजीमुद्दीन और राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता को सुनकर अधीनस्थ अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा और राज्य सरकार से याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा है।