Air India News: बेंगलुरु से वाराणसी जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक यात्री ने उड़ान के दौरान कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। मामला गंभीर होते देख पायलट ने हाईजैक की आशंका में दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया।
पायलट ने हाईजैक के डर से नहीं खोला दरवाजा
सूत्रों के अनुसार, उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद यात्री ने कॉकपिट का कोड डालकर दरवाजा खोलने की कोशिश की। जैसे ही पायलट को इसका अलर्ट मिला, उन्होंने सीसीटीवी से स्थिति देखी और सुरक्षा कारणों से दरवाजा नहीं खोला। यही सूझबूझ संभावित खतरे को टालने में अहम साबित हुई।
9 यात्री CISF की हिरासत में
बताया जा रहा है कि संदिग्ध यात्री अपने 8 साथियों के साथ यात्रा कर रहा था। फ्लाइट के वाराणसी पहुंचते ही सभी 9 यात्रियों को CISF के हवाले कर दिया गया। अभी तक यह साफ नहीं है कि आरोपी यात्री को कॉकपिट का पासकोड कैसे पता चला।
एयर इंडिया ने दी सफाई
एयर इंडिया ने मामले पर बयान जारी करते हुए कहा, “हमें मीडिया रिपोर्ट्स से इस घटना की जानकारी मिली है। दरअसल यात्री टॉयलेट की तलाश में कॉकपिट के पास पहुंच गया था। विमान में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत है और किसी तरह की चूक नहीं हुई। मामले की जानकारी अधिकारियों को तुरंत दे दी गई थी और जांच जारी है।”
पहली बार फ्लाइट में सफर कर रहा था यात्री
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस यात्री ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की वह पहली बार हवाई यात्रा कर रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि वह टॉयलेट समझकर गलती से कॉकपिट की ओर चला गया। हालांकि, जब क्रू ने सच्चाई बताई तो वह बिना हंगामा किए वापस अपनी सीट पर चला गया।
इस घटना के बाद से एयरलाइंस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर और ज्यादा सतर्क हो गई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि संदिग्ध यात्री को दरवाजा खोलने का पासकोड कैसे मालूम हुआ।