गोरखपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) कार्यकर्ताओं ने गुरुवार (4 सितंबर) को प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने छात्रसंघ चौराहे से मंत्री की शवयात्रा निकाली और विश्वविद्यालय गेट तक पहुंचकर धरना दिया। इसके बाद पुतला फूंककर सरकार से राजभर को पद से बर्खास्त करने की मांग की।
विरोध की वजह
एबीवीपी कार्यकर्ताओं का गुस्सा उस समय भड़क उठा जब मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बाराबंकी में हुए लाठीचार्ज की सराहना करते हुए संगठन के कार्यकर्ताओं को “गुंडा” कहा। इसी बयान से आक्रोशित होकर गोरखपुर में एबीवीपी ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया।
नारेबाजी और चक्का जाम
छात्रसंघ चौराहे से विश्वविद्यालय गेट तक शवयात्रा निकालने के बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने सड़क पर धरना देकर चक्का जाम किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ओपी राजभर और संजय प्रसाद के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश करते नजर आए, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
छात्र नेता ने लगाए गंभीर आरोप
एबीवीपी के प्रांत मंत्री मयंक राय ने इस विरोध प्रदर्शन के दौरान श्रीराम स्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय (SRMU), बाराबंकी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालय प्रशासन फर्जी डिग्री बांट रहा है। उनके पास एलएलबी, बी फार्मा और एमबीए की मान्यता नहीं है। इसके बावजूद छात्रों को गुमराह किया जा रहा है।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर निजी विश्वविद्यालय खड़ा किया है। इसके खिलाफ आवाज उठाने पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों पर पुलिस के जरिए बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज कराया गया।
मयंक राय ने कहा, “पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने मिलकर लाखों रुपये देकर कार्यकर्ताओं और छात्रों पर अत्याचार किया। इस लाठीचार्ज के लिए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।”