Paper Leak Protest: धर्मेंद्र प्रधान के बर्थडे पर CJP का अनोखा ‘Gift’, अभिजीत दीपके बोले- “हैप्पी बर्थडे, प्लीज इस्तीफा दो”

नीट पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन छठे दिन भी जारी रहा। इस दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के जन्मदिन पर अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग दोहराई।

व्हाइटबोर्ड पर लिखा- “हैप्पी बर्थडे, प्लीज इस्तीफा दो”

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह व्हाइटबोर्ड पर “हैप्पी बर्थडे, धर्मेंद्र प्रधान. प्लीज इस्तीफा दो” लिखते नजर आए। इस दौरान उनके समर्थक भी मौके पर मौजूद रहे और प्रदर्शन में उनका साथ देते दिखाई दिए।

वीडियो में संदेश लिखने के बाद दीपके ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान, आपको जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं. कृपया इस्तीफा दे दीजिए. जन्मदिन के गिफ्ट के रूप में हम आपको इस्तीफा पत्र (रिजाइन लेटर) भेज रहे हैं. आपको बस उस पर अपना अंगूठा लगाना होगा.”

गौरतलब है कि 26 जून को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का जन्मदिन है।

जंतर-मंतर पर लगातार जारी है प्रदर्शन

नीट पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर अभिजीत दीपके पिछले छह दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें।

कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक करने पर भी उठाए सवाल

प्रदर्शन के पांचवें दिन अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी के सोशल मीडिया अकाउंट को ब्लॉक किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सरकार पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों ने इस कार्रवाई के पीछे की वजह बताने से इनकार कर दिया।

उन्होंने कहा, “जब हर चीज को गोपनीय बताया जा रहा है तो फिर NEET पेपर गोपनीय क्यों नहीं रखा जा सका.”

“अगर पेपर लीक नहीं होता तो कई छात्रों की जान नहीं जाती”

अभिजीत दीपके ने कहा, “अगर पेपर लीक नहीं होता तो कई छात्रों की जान नहीं जाती.”

उन्होंने आगे कहा, “हम टैक्सपेयर्स हैं, हमारे माता-पिता करदाता हैं, हमें आतंकवादी कहा जा रहा है. क्या यह शर्मनाक नहीं है?”

उन्होंने दोहराया कि उनका आंदोलन छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर जारी रहेगा।

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