
अयोध्या में नाबालिग से गैंगरेप मामले में सियासी पारा बढ़ता जा रहा है। विधानसभा मॉनसून सत्र के दौरान भी अयोध्या रेप केस का मामला भी सदन में जोर शोर से गूंजा है। सदन में सीएम योगी ने आरोपी सपा नेता का नाम लेते हुए विपक्ष को जमकर घेरा है।इसके बाद तो सियासी जंग तेज हो गई। अखिलेश यादव भी रेप केस के आरोपी को बचाते नजर आए। सोशल मीडिया एक्स पर लिखा सपा प्रमुख ने रेप केस के आरोपियों की डीएनए टेस्ट की मांग उठाई। इस पर बसपा प्रमुख मायावती ने भी अखिलेश यादव को जमकर घेरा। डीएनए टेस्ट वाली अखिलेश की मांग पर मायावती ने सवाल करते हुए पूछा, आपकी सरकार में कितने आरोपियों के टेस्ट हुए थे?सोशल मीडिया एक्स पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपने नेता का बचाव करते हुए लिखा, अयोध्या के भदरसा मामले में बिना डीएनए टेस्ट के भाजपा का आरोप दुराग्रह पूर्ण माना जाएगा। कुकृत्य के मामले में जिन पर भी आरोप लगा है उनका डीएनए टेस्ट कराकर इंसाफ का रास्ता निकाला जाए न कि केवल आरोप लगाकर सियासत की जाए। जो भी दोषी हों उन्हें कानून के हिसाब से पूरी सजा दी जाए लेकिन अगर डीएनए टेस्ट के बाद आरोप झूठे साबित हों तो सरकार के संलिप्त अधिकारियों को भी न बख्शा जाए। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। अखिलेश यादव ने मांग की है कि सरकार पीड़ित परिवार को तत्काल 20 लाख रुपये की सहायता प्रदान करे।अखिलेश यादव ने शनिवार को जारी कहा कि उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त है। हर दिन हत्या, लूट, दुष्कर्म की घटनाएं हो रही है। भाजपा सरकार घटनाओं को रोकने में विफल है। भाजपा सरकार असली अपराधियों को बचाती रही है। सत्ता के संरक्षण में भाजपा समर्थक भी तमाम अपराधों में संलिप्त पाये गए हैं। वैसे भी अपराधियों में भाजपा सरकार का खौफ नहीं रह गया है। वे भाजपा नेता की बेटी का अपहरण करने से भी नहीं डर रहे हैं। मुख्यमंत्री जी के प्रदेश में कानून व्यवस्था की बेहतरी के दावे झूठे साबित हो रहे हैं। निकम्मी भाजपा सरकार से लोग ऊब गए है।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा अयोध्या की हार पचा नहीं पा रही है। भाजपा ने अयोध्या में पिछले सात सालों में जो भ्रष्टाचार और जमीनों की लूट की है, अयोध्या और प्रदेश की जनता ने उसी की सजा दी है। भाजपा इसी तरह से अन्याय अत्याचार करती रहेगी तो जनता लोकसभा चुनाव की तरह विधानसभा के उपचुनाव में भी भाजपा का सफाया करेगी? 2027 के विधानसभा चुनाव में भी प्रदेश की जनता भाजपा को सत्ता से बेदखल करके अन्याय का जवाब जरूर देगी।उधर बसपा प्रमुख मायावती भी अखिलेश यादव को घेरने में पीछे नहीं रहीं। मायावती ने अयोध्या रेप केस में हो रही कार्रवाई को उचित बताया और अखिलेश यादव के डीएनए टेस्ट वाली मांग पर सवाल खड़े कर दिए। मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा यूपी सरकार द्वारा गैंगरेप केस में आरोपी के विरुद्ध की जा रही सख्त कार्रवाई उचित है, लेकिन सपा द्वारा यह कहना है कि आरोपी का डीएनए टेस्ट होना चाहिए, इसे क्या समझा जाए। जबकि सपा को यह भी बताना चाहिए कि उनकी सरकार में ऐसे आरोपियों के खिलाफ कितने डीएनए टेस्ट हुए हैं। मायावती ने आगे लिखा, साथ ही, यूपी में अपराध नियंत्रण व कानून-व्यवस्था में भी ख़ासकर महिला सुरक्षा व उत्पीड़न आदि को लेकर बढ़ती चिन्ताओं के बीच अयोध्या व लखनऊ आदि की घटनाएं अति-दुखद व चिन्तित करने वाली। सरकार इनके निवारण के लिए जाति-बिरादरी एवं राजनीति से ऊपर उठकर सख़्त कदम उठाए तो बेहतर।