
लोकसभा की कार्यवाही में दो युवकों के कूदने और संसद के बाहर हंगामे पर पीएम नरेंद्र मोदी की भी प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने सार्वजनिक बयान तो नहीं दिया है, लेकिन गुरुवार को सुबह मंत्रियों से इस पर बात की।पीएम मोदी ने कहा कि हम सभी लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। लेकिन इस मसले पर होने वाली राजनीति में भी पड़ने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मसले को गंभीरता से लिए जाने की जरूरत है। बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही में दर्शक दीर्घा से दो युवक कूद आए थे। इनमें से एक का नाम सागर शर्मा है, जो लखनऊ का रहने वाला है।
ये लोग बेंचों पर चढ़ गए थे और स्मोक गन से धुआं फैलाने लगे। इससे संसद में अफरातफरी मच गई और स्पीकर ने कार्यवाही को ही स्थगित कर दिया। इस बीच 6 सांसदों ने घेरकर युवक को पकड़ा और फिर सुरक्षाकर्मियों के हवाले कर दिया। इस घटना के बाद संसद में आम नागरिकों की एंट्री के नियम पहले से कड़े कर दिए गए हैं। इसके अलावा जूते आदि की भी जांच की जाएगी और एयरपोर्ट जैसे स्कैनर लगाने की भी व्यवस्था होगी। फिलहाल अगले आदेश तक संसद के दोनों सदनों में दर्शक दीर्घा को बंद कर दिया गया है।
प्रताप सिम्हा के लेटर पर आए थे, लोकसभा स्पीकर से मिले सांसद
लोकसभा में कूदने वाले दोनों युवक भाजपा के मैसुरु से सांसद प्रताप सिम्हा के लेटर पर पास जारी कराके आए थे। सूत्रों के मुताबिक इस मामले में खुद प्रताप सिम्हा ने लोकसभा स्पीकर से संपर्क साधा है और उन्हें बताया है कि कैसे इन लोगों को पास जारी किया गया। सांसद का कहना है कि ये लोग पिछले तीन महीने से पास के लिए संपर्क में थे। आरोपियों में से एक के पिता को वह जानते थे। गौरतलब है कि संसद पर हमले की 22वीं बरसी के दिन हुई इस सुरक्षा चूक ने एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। लोकसभा सचिवालय के आदेश पर आधा दर्जन से ज्यादा कर्मचारियों को निलंबित भी किया गया है।